रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को महाराष्ट्र के पुणे स्थित खंडाला के एक रिसॉर्ट से पकड़ा गया और ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपये से अधिक नकद, 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार के काले कागज, कांच की प्लेट्स, अन्य सामग्री और कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क और ठगी के मामलों की जानकारी जुटा रही है।
2005 से सक्रिय होने का दावा
साइबर एंड क्राइम DCP स्मृतिक राजनाला के अनुसार, इस अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सरगना ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव बताया जा रहा है। इसके अलावा प्रवीण कुमार श्रीवास्तव और मनोज कुमार श्रीवास्तव समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस का दावा है कि यह गिरोह 2005 से सक्रिय था और अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों में 100 से अधिक लोगों को कथित तौर पर ठगी का शिकार बना चुका है। पुलिस ने गिरोह पर बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।
गिरफ्तार आरोपियों में प्रवीण कुमार श्रीवास्तव और मनोज कुमार श्रीवास्तव के पूर्व में मुंबई और वाराणसी की जेल में रहने की जानकारी भी पुलिस ने दी है। वहीं, मामले में दो महिला आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है।
करोड़ों की ठगी के दौरान पुलिस ने दबोचा
पुलिस के अनुसार, आरोपी पुणे के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट में रहकर कथित तौर पर ठगी की गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है। पुलिस अब बरामद रकम, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर गिरोह के संपर्कों और कथित ठगी के मामलों की जांच कर रही है।
कम समय में पैसा दोगुना करने का देते थे लालच
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जिन्हें कम समय में बड़ी रकम हासिल करने या निवेश की राशि दोगुनी करने का लालच दिया जाता था।
आरोपियों पर यह भी आरोप है कि वे लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए खुद को D कंपनी से जुड़ा हुआ बताते थे। इससे पीड़ितों के बीच डर और भरोसे का माहौल बनाने की कोशिश की जाती थी।
ठगी के बाद प्राप्त रकम को गिरोह के सदस्य आपस में तय प्रतिशत के आधार पर बांटते थे।
नेताओं और फिल्मी सितारों के साथ तस्वीरें दिखाकर बनाते थे प्रभाव
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य कथित तौर पर पीड़ितों को प्रभावित करने के लिए बड़े नेताओं और फिल्मी कलाकारों के साथ अपनी तस्वीरें भी दिखाते थे। इन तस्वीरों के जरिए वे खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताकर लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास करते थे।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने किन-किन राज्यों में कितने लोगों को अपना निशाना बनाया। बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच से कथित ठगी के नेटवर्क से जुड़े और सुराग मिलने की उम्मीद है।
पुलिस जांच में सामने आएगा पूरा नेटवर्क
रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद 4 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी किन कथित लेन-देन से जुड़ी है और गिरोह में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।