नई दिल्ली: बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी संभालने के बाद स्मृति ईरानी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने राहुल गांधी से महिलाओं को संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के कानून को लागू कराने में सहयोग करने की अपील की है।
स्मृति ईरानी ने यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं, हिंदू धर्म और मनुस्मृति को लेकर की गई टिप्पणियों के संदर्भ में दी।
महिला आरक्षण को लेकर राहुल गांधी से अपील
स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी खुद महिलाओं के समर्थन की बात करते हैं, ऐसे में उन्हें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े कानून के क्रियान्वयन में सहयोग करना चाहिए।
बीजेपी नेता के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के तहत विधायिकाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बनाया गया है। उन्होंने राहुल गांधी से इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए समर्थन देने का अनुरोध किया।
स्मृति ईरानी ने कहा कि ऐसा होने से महिलाओं को संसद में नेतृत्व की भूमिका निभाने के ज्यादा अवसर मिल सकेंगे।

मनुस्मृति की टिप्पणी पर भी साधा निशाना
दरअसल, राहुल गांधी ने पुणे के कार्यक्रम में महिलाओं को देश की शक्ति बताते हुए उन्हें अपने अधिकारों और सम्मान के लिए आवाज उठाने की बात कही थी। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर मनुस्मृति की सोच की आलोचना करते हुए महिलाओं के जीवन में पुरुष प्रधानता का मुद्दा उठाया था।
इसी बयान का हवाला देते हुए स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी से महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपने विचारों को अमल में लाने का अनुरोध किया।
हिंदू धर्म और वंदे मातरम को लेकर भी दिया सुझाव
स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी के कार्यक्रम में हिंदू धर्म से संबंधित टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी ने धर्म का संदर्भ दिया है, तो वह उनसे एक और अनुरोध करना चाहती हैं।
बीजेपी नेता ने वंदे मातरम को लेकर हुए विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में 15 अगस्त को वंदे मातरम की कुछ पंक्तियों को लेकर चर्चा हुई थी। उनका दावा है कि इन पंक्तियों का संबंध देवी दुर्गा से है।
देवी दुर्गा की आराधना का किया आग्रह
स्मृति ईरानी ने देवी दुर्गा को शक्ति का स्वरूप बताते हुए कांग्रेस को सुझाव दिया कि पार्टी अपने मुख्यालय में वंदे मातरम का पूर्ण गायन करे। उनके मुताबिक, इससे महिलाओं के सम्मान और उनके हितों के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता का संदेश जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी महिला आरक्षण के कानून के क्रियान्वयन में सहयोग करते हैं और कांग्रेस वंदे मातरम का पूरा गायन करती है, तो यह महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर दिए जा रहे बयानों को व्यवहार में उतारने की दिशा में कदम होगा।