देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार, 11 अगस्त को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के लिए Orange Alert जारी किया गया है, जबकि 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश को लेकर Yellow Alert दिया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य और उत्तरी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में Orange Alert
IMD ने पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रभावित क्षेत्रों में करीब 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
15 से ज्यादा राज्यों में Yellow Alert
मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें शामिल हैं:
- अरुणाचल प्रदेश
- असम और मेघालय
- छत्तीसगढ़
- गुजरात
- हरियाणा
- चंडीगढ़
- दिल्ली
- जम्मू-कश्मीर
- लद्दाख
- कोंकण और गोवा
- मध्य महाराष्ट्र
- ओडिशा
- पंजाब
- उत्तराखंड
- पश्चिमी मध्य प्रदेश
- पश्चिमी राजस्थान
इन इलाकों में कुछ स्थानों पर 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का खतरा
कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने की गतिविधियां देखी जा सकती हैं।
कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली के दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम रहेगा खराब
एक पश्चिमी विक्षोभ भी मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में बादल, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मानसून की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से उत्तर और मध्य भारत में मौसम फिलहाल अस्थिर रहने की संभावना है।
बारिश के बावजूद कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से ज्यादा
देश के कई हिस्सों में बारिश होने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। असम और मेघालय तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान भी असम-मेघालय, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक रहा।
10 अगस्त को मैदानी इलाकों में राजस्थान के जैसलमेर में सबसे अधिक 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं असम के हाफलोंग में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
बारिश कृषि के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन लगातार या अत्यधिक वर्षा से खेतों में पानी जमा होने पर फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश के दौरान सिंचाई, खाद और कीटनाशकों के छिड़काव से बचना चाहिए। कटाई के बाद रखे गए अनाज, बीज और कृषि उपकरणों को ऊंचे और सूखे स्थान पर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
तेज हवाओं की संभावना वाले इलाकों में केले, पपीते और सब्जियों जैसी फसलों को सहारा देने की व्यवस्था करनी चाहिए।
बारिश और आंधी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचना बेहतर है। जलभराव वाली सड़क या पुल को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। घर के आसपास रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित कर लें।
गरज-चमक के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने और खुले स्थानों पर जाने से बचें। पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखें।