Jaggi Murder Case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड मामले में आरोपी अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च अदालत ने उनके सरेंडर पर रोक लगाते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम स्टे दे दिया है। इस फैसले के बाद फिलहाल अमित जोगी को जेल नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखने का अवसर मिल गया है।
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मामले पर विचार किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अमित जोगी को सरेंडर करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही इस मामले में जांच एजेंसी सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
हाईकोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा
इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अमित जोगी को रामअवतार जग्गी हत्याकांड में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने उन्हें 23 अप्रैल तक सरेंडर करने के निर्देश भी दिए थे।
हाईकोर्ट के इसी फैसले को चुनौती देते हुए अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था और सजा पर रोक लगाने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत
सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत प्रदान की है और सरेंडर पर रोक लगा दी है। हालांकि कोर्ट ने मामले को खारिज नहीं किया है और सीबीआई से जवाब तलब करते हुए आगे की सुनवाई के लिए मामला लंबित रखा है।
फिलहाल जेल जाने से बचाव
इस आदेश के बाद फिलहाल अमित जोगी को जेल नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही उन्हें अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखने का मौका मिल गया है। यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों ही दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जा रहा है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह अंतरिम आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है।