नई दिल्ली: Plastic Notes in India: भारत में प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोटों (Plastic Notes in India) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि अगर योजना के अनुसार सब कुछ रहा तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर नोट चलन में आ सकते हैं। हालांकि, ये नए नोट मौजूदा कागजी नोटों की जगह नहीं लेंगे, बल्कि उनके साथ ही इस्तेमाल किए जाएंगे।
कागजी नोट बंद करने की नहीं है योजना
RBI की तैयारी भारतीय करेंसी को ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बनाने (Plastic Notes in India) की दिशा में एक कदम है। पॉलिमर नोटों को लाने का उद्देश्य नोटों की उम्र बढ़ाना और उनकी गुणवत्ता बेहतर करना है। फिलहाल कागज के नोटों को हटाने की कोई योजना नहीं है। नए प्लास्टिक नोट आने के बाद भी पुराने नोट सामान्य रूप से चलते रहेंगे।
2009 में भी हुई थी कोशिश, अब फिर शुरू होगा परीक्षण
भारत में पॉलिमर नोट लाने की यह पहली कोशिश नहीं है। इससे पहले साल 2009 में RBI ने इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई थी। लेकिन तकनीकी कारणों से इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। अब नए सिरे से इस दिशा में काम किया जा रहा है। शुरुआती सफलता के बाद RBI बड़े मूल्य वाले नोटों जैसे 100 और 500 रुपये के नोटों में भी पॉलिमर तकनीक पर विचार कर सकता है।
प्लास्टिक नोट क्यों माने जा रहे हैं बेहतर?
पॉलिमर नोट पानी, नमी, गंदगी और फटने जैसी समस्याओं के मुकाबले ज्यादा मजबूत होते हैं। इनकी लाइफ सामान्य कागजी नोटों से ज्यादा होती है। जिससे लंबे समय में नोटों की छपाई और रखरखाव की लागत कम हो सकती है। शुरुआत में छोटे मूल्य के नोटों पर परीक्षण किया जा सकता है क्योंकि इनकी संख्या ज्यादा होती है और वित्तीय जोखिम कम रहता है।