Last Sawan Somwar 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस पूरे महीने श्रद्धालु भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं, व्रत रखते हैं और शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। साल 2026 में सावन के तीन सोमवार बीत चुके हैं और अब 24 अगस्त 2026 को सावन का आखिरी सोमवार पड़ रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा के साथ दान-पुण्य करने का भी विशेष महत्व होता है। जरूरतमंद लोगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपयोगी वस्तुएं दान करने से पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है।
आखिरी सावन सोमवार पर किन चीजों का दान करें?
सावन के आखिरी सोमवार पर अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को दूध, दही, चावल, चीनी और सफेद वस्त्र दान किए जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में सफेद वस्तुओं के दान को शुभ माना गया है।
इसके अलावा काले तिल का दान भी किया जाता है। मान्यता के अनुसार काले तिल का दान नकारात्मकता से मुक्ति और पुण्य प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है।
भगवान शिव से जुड़ी पवित्र वस्तु रुद्राक्ष का दान भी धार्मिक दृष्टि से कल्याणकारी माना गया है। वहीं, बारिश के मौसम को देखते हुए जरूरतमंद लोगों को छाता और जूते-चप्पल जैसी उपयोगी वस्तुएं देना सेवा भाव का अच्छा उदाहरण हो सकता है।
सावन सोमवार को शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?
सावन सोमवार के दिन शिवलिंग का अभिषेक करने की परंपरा है। श्रद्धालु भगवान शिव को साफ पानी या गंगाजल अर्पित कर सकते हैं।
इसके अलावा धार्मिक परंपरा के अनुसार दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से बने पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। पूजा के दौरान भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के सफेद फूल, चंदन और अक्षत भी अर्पित किए जाते हैं।
मौसम के अनुसार उपलब्ध फलों को भी श्रद्धापूर्वक भगवान शिव को भोग के रूप में अर्पित किया जा सकता है।
पूजा के बाद जरूरतमंदों की करें मदद
Last Sawan Somwar 2026 पर भगवान शिव की पूजा के साथ जरूरतमंद लोगों की मदद करने को भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार भोजन, वस्त्र या मौसम के लिहाज से उपयोगी सामान का दान किया जा सकता है।
मान्यता है कि सावन सोमवार को श्रद्धा से की गई शिव आराधना और सेवा भाव से किए गए दान से भक्त को पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक विश्वासों के अनुसार, इससे भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि का वातावरण रहता है।
श्रद्धा और सेवा भाव का रखें ध्यान
सावन के आखिरी सोमवार पर पूजा करते समय आडंबर से अधिक श्रद्धा और सेवा भाव को महत्व देना चाहिए। भगवान शिव की पूजा के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद की सहायता करना इस दिन को और सार्थक बना सकता है।