Chhattisgarh Assembly Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन सदन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यवाही की शुरुआत में सदन के सदस्यों ने टी-20 क्रिकेट में जीत के लिए टीम इंडिया को बधाई दी। इसके बाद प्रश्नकाल के दौरान बस्तर संभाग में धान खरीदी का मुद्दा जोर-शोर से उठा, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबी बहस देखने को मिली।
बस्तर में धान खरीदी को लेकर विधायक ने उठाए सवाल
प्रश्नकाल के दौरान विधायक लखेश्वर बघेल ने बस्तर संभाग में धान खरीदी की व्यवस्था को लेकर सरकार से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि बस्तर में धान खरीदी कब शुरू हुई और कितने किसानों का धान नहीं खरीदा जा सका।
इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि बस्तर संभाग में 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत हुई थी और 31 जनवरी को इसका समापन किया गया। उन्होंने कहा कि कुल 44 हजार 612 किसानों का धान नहीं खरीदा गया क्योंकि वे किसान धान बेचने के लिए खरीदी केंद्रों तक पहुंचे ही नहीं।
धान खरीदी व्यवस्था पर विपक्ष के आरोप
मंत्री के जवाब के बाद विधायक लखेश्वर बघेल ने सरकार पर धान खरीदी में गड़बड़ियों के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से 21 क्विंटल धान खरीदने की बात करती है, लेकिन कई किसान परेशान हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं धान में पानी डालकर खरीदी करने की शिकायतें मिल रही हैं तो कहीं अन्य सामग्री की खरीदी की बात सामने आ रही है। साथ ही उन्होंने प्रदेश में ऋणी किसानों और वनाधिकार पट्टाधारी किसानों की संख्या के बारे में भी जानकारी मांगी।
मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ विपक्ष
मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि कई किसान धान खरीदी के लिए पंजीयन तो करा लेते हैं, लेकिन बाद में धान बेचने केंद्रों तक नहीं पहुंचते। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार के समय भी ऐसी ही स्थिति थी।
हालांकि विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर कितने किसानों ने धान का समर्पण नहीं किया। इसके जवाब में बताया गया कि बस्तर में 9 हजार 906 किसानों ने अपना धान नहीं बेचा।
PDS राशन दुकानों के आवंटन का मुद्दा भी उठा
सदन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन दुकानों के आवंटन का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक ललित चंद्राकर ने दुर्ग जिले में राशन दुकानों के संचालन और आवंटन को लेकर सवाल किया।
इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि दुर्ग जिले में फिलहाल 42 राशन दुकानों का संचालन किया जा रहा है और उनके संचालन स्थल में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
