भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026 को ध्वनि मत से पारित कर दिया। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने पूरे समय विधेयक का विरोध किया और सदन में जोरदार नारेबाजी की। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कई बार व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जो सदस्य अपनी बात रखना चाहते हैं, वे सदन के पटल पर अपना पक्ष रखें, लेकिन इसके बावजूद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही।
विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्षों से तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति करती रही है तथा अब उसका दोहरा चरित्र जनता के सामने आ चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद अब मध्यप्रदेश भी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का सम्मान करती है, तो उसे इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश के 93 प्रतिशत नागरिकों ने यूसीसी का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह कानून किसी धर्म या परंपरा के खिलाफ नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान कानूनी व्यवस्था देने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूसीसी लागू होने के बाद भी लोगों के धार्मिक रीति-रिवाज और सामाजिक संस्कार पहले की तरह जारी रहेंगे।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए कानून के तहत राज्य में होने वाले सभी विवाहों का सरकारी पंजीकरण अनिवार्य होगा। यदि विवाह का पंजीकरण नहीं कराया गया तो जुर्माने का प्रावधान रहेगा। साथ ही बहुविवाह पर रोक लगाई जाएगी। यानी एक पत्नी या पति के रहते हुए दूसरा विवाह कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा। इसी तरह सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक के पंजीकरण की एक समान व्यवस्था लागू होगी।
मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान कांग्रेस विधायक लगातार “चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो” के नारे लगाते रहे, जिससे सदन में कई बार हंगामे की स्थिति बनी। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून महिला सशक्तीकरण, सामाजिक समरसता और समानता की दिशा में एक बड़ा कदम है तथा सभी सदस्यों से इसका समर्थन करने की अपील की।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1947 में देश की आजादी के समय भोपाल को पाकिस्तान से मिलाने की कोशिश की गई थी और ऐसे प्रयास करने वालों की मानसिकता की उन्होंने कड़ी आलोचना की।
इससे पहले सोमवार को सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 पेश किया था। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े कथित भूमि सौदों के मुद्दे पर हंगामा किया। विरोध के बावजूद सरकार ने मंगलवार को विधेयक को ध्वनि मत से पारित करा लिया।