नई दिल्ली: भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत यूरोप, इजरायल और अमेरिका के लिए काफी महत्वपूर्ण है। ये कहा है इजरायली एक्सपर्ट पौशाली लास ने। उन्होंने जेरूशलम पोस्ट में लिखा है कि आने वाले वक्त में ये महत्वपूर्ण नहीं होगा कि दुनिया के चोकप्वाइंट्स जैसे होर्मुज स्ट्रेट, बाब-अल-मंदेब और मलक्का जलडमरूमध्य पर किसका कंट्रोल है बल्कि ये महत्वपूर्ण होगा कि इन चोकप्वाइंट्स को खुला रखने में कौन मदद कर सकता है और यहां भारतीय नौसेना की भूमिका सबसे ज्यादा गेमचेंजर साबित हो जाती है।
उन्होंने लिखा है कि इजरायल, अमेरिका और EU के लिए भारत सिर्फ आर्थिक विकास या उभरती हुई डिफेंस सुपरपावर की कहानी नहीं है। यह एक ऐसे रणनीतिक साझेदार के तौर पर उभर रहा है जो ग्लोबल समुद्री सिस्टम को मजबूत करने में सक्षम है खासकर ऐसे समय में जब ट्रेड रूट्स, ऊर्जा सुरक्षा और जियोपॉलिटिकल स्थिरता पर भारी दबाव है खासकर हालिया अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के बाद।
Indian Navy: 2024 में समुद्री हमलों में बढ़ोतरी के दौरान भारत ने 30 से ज्यादा नौसैनिक जहाज तैनात किए और कई घटनाओं पर कार्रवाई की। भारत ने राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों को बचाया और अरबों डॉलर का सामान ले जा रहे कमर्शियल जहाज़ों को सुरक्षा प्रदान की।
भारत की नौसेना के बिना क्यों अधूरी है सुरक्षा?
उन्होंने लिखा है कि दुनिया के नक्शे पर एक नजर डालते ही भारत का सबसे बड़ा फायदा साफ हो जाता है। हिंद महासागर के बीचों-बीच स्थित भारत मध्य पूर्व के ऊर्जा-उत्पादक क्षेत्रों, अफ्रीका की उभरती अर्थव्यवस्थाओं और पूर्वी एशिया के मैन्युफ़ैक्चरिंग हब के बीच बसा है। इसकी पश्चिमी तटरेखा फारस की खाड़ी और लाल सागर को जोड़ने वाले समुद्री रास्तों के सामने है जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह मलक्का जलडमरूमध्य तक रणनीतिक पहुंच प्रदान करते हैं जो हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के बीच का प्रवेश द्वार है।

इसीलिए दुनिया भर में व्यापार की आवाजाही को प्रभावित करने के लिए बहुत कम देशों की स्थिति इतनी अनुकूल है। उन्होंने लिखा है कि भारत तेजी से खुद को एक ऐसे देश के तौर पर पेश कर रहा है जो इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। पौशाली लास ने लिखा है कि 2008 में अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती-रोधी अभियान शुरू करने के बाद से भारतीय नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट को सुरक्षित करने में मदद की है जिससे हजारों कमर्शियल जहाजों और हजारों नाविकों की सुरक्षा हुई है।
2024 में समुद्री हमलों में बढ़ोतरी के दौरान भारत ने 30 से ज्यादा नौसैनिक जहाज तैनात किए और कई घटनाओं पर कार्रवाई की। भारत ने राष्ट्रीयता की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों को बचाया और अरबों डॉलर का सामान ले जा रहे कमर्शियल जहाज़ों को सुरक्षा प्रदान की।
हिंद महासागर में और मजबूत हो रही भारतीय नौसेना
उन्होंने लिखा है कि इसके अलावा भारत मलक्का जलडमरूमध्य के पास अपनी स्थिति मजबूत करने और हिंद महासागर में चीन के मंसूबों का मुकाबला करने के लिए निकोबार द्वीप समूह में मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड कर रहा है। ये ऑपरेशन एक अहम सच्चाई को दिखाते हैं कि भारत सिर्फ ग्लोबल ट्रेड से फायदा नहीं उठा रहा है बल्कि इसकी सुरक्षा में भी तेजी से योगदान दे रहा है। इजरायल, यूरोप और अमेरिका के लिए यह फर्क काफी मायने रखता है।
- इजरायली एक्सपर्ट पौशाली लास ने जेरूशलम पोस्ट में लिखा
- भारतीय नौसेना महत्वपूर्ण चोकप्वाइंट्स की सुरक्षा के लिए जरूरी
- इजरायल के लिए हिंद महासागर में महत्वपूर्ण है भारत