Arnab Cyclone Odisha Landslide: ओडिशा के गंजाम जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आ रहा है। यहां अर्नब चक्रवात के दौरान भूस्खलन की घटना ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को गिडिपाबाली गांव में मलबे के नीचे दबे एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव बरामद किए गए। मृतकों में पति-पत्नी और उनके 3 बच्चे भी शामिल हैं। सभी पांच लोगों के शव मिलने के बाद पिछले एक सप्ताह से जारी तलाश अभियान का दुखद अंत हो गया।
ओडिशा में अर्नब चक्रवात के दौरान हुए भूस्खलन ने एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। गंजाम जिले के गिडिपाबाली गांव में मलबे के नीचे दबे एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव सात दिन बाद बरामद किए गए हैं। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चे शामिल हैं। गुरुवार को पांचों शव मिलने के बाद पिछले एक सप्ताह से चल रहे तलाशी अभियान का दुखद अंत हुआ। इस हादसे में अब तक कुल सात लोगों की मौत हो चुकी है।

यह घटना प्राकृतिक आपदा की भयावहता को दिखाती है। पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर नीचे आ गिरे, जिसकी चपेट में गांव के कई मकान आ गए। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे थे। परिवार के पांचों सदस्यों की मौत की खबर से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों की पहचान 27 वर्ष की भूमिका प्रधान, 25 वर्षीय विजय प्रधान, 6 वर्षीय विजयलक्ष्मी प्रधान, 7 साल के अरुण प्रधान और 1 साल की जयलक्ष्मी प्रधान के रूप में हुई है। सभी एक ही परिवार के सदस्य थे और गिडिपाबाली गांव के रहने वाले थे। परिजनों ने शवों की पहचान करने के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
सात दिन बाद मिले परिवार के पांचों सदस्यों के शव

जानकारी के मुताबिक, गंजाम जिले के गिडिपाबाली गांव में भूस्खलन के बाद एक ही परिवार के पांच सदस्य लापता हो गए थे। इनमें पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल थे। बचाव दल ने कई दिनों तक मलबे में तलाशी अभियान चलाया। आखिरकार गुरुवार को पांचों के शव बरामद कर लिए गए।
मृतकों की पहचान 27 वर्षीय भूमिका प्रधान, 25 वर्षीय विजय प्रधान, 6 वर्षीय विजयलक्ष्मी प्रधान, 7 वर्षीय अरुण प्रधान और एक वर्षीय जयलक्ष्मी प्रधान के रूप में हुई है। सभी मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे और गिडिपाबाली गांव में रहते थे।
शव मिलने के बाद परिजनों ने उनकी पहचान की और अंतिम संस्कार कर दिया। सात दिनों तक अपनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे परिवार के लोगों के लिए यह खबर बेहद दुखद रही। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
28 अक्टूबर की रात हुआ था भीषण भूस्खलन

बताया गया है कि 28 अक्टूबर की रात कंधमाल और गंजाम जिले की सीमा पर स्थित गंगाबाली पहाड़ी में भारी भूस्खलन हुआ था। पहाड़ी से अचानक बड़ी मात्रा में मिट्टी और पत्थर नीचे की ओर खिसकने लगे। देखते ही देखते मलबे ने गिडिपाबाली गांव के कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
जानकारी के मुताबिक, 28 अक्टूबर की रात कंधमाल और गंजाम जिले की सीमा पर स्थित गंगाबाली पहाड़ी में भारी भूस्खलन हुआ था। पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर नीचे आ गिरे, जिसकी चपेट में गिडिपाबाली गांव के कम से कम 9 घर पूरी तरह नष्ट हो गए। इस घटना के बाद कई लोग लापता हो गए थे। उन्हें खोजने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया था। 5 लोगों के शव मिलने से पहले 2 अन्य शव भी बरामद किए जा चुके थे।
इस हादसे में गांव के कम से कम नौ घर पूरी तरह नष्ट हो गए। मकानों के मलबे में दबने के कारण कई लोग लापता हो गए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। शुरुआती तलाशी के दौरान दो अन्य लोगों के शव भी बरामद किए गए थे। अब एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव मिलने के बाद इस हादसे में मृतकों की कुल संख्या सात हो गई है।
करीब 170 जवानों की टीम चला रही थी बचाव अभियान
लापता लोगों की तलाश के लिए प्रशासन ने कई बचाव एजेंसियों को तैनात किया था। अभियान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स, अग्निशमन सेवा, जिला स्वयंसेवी बल और विशेष अभियान समूह की टीमें शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, करीब 170 जवानों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। टीमों ने मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए लगातार तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, पहाड़ी इलाके की परिस्थितियों और लगातार बारिश के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें भी आईं।
लापता लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स, अग्निशमन सेवा, जिला स्वयंसेवी बल और विशेष अभियान समूह की टीमें लगातार काम कर रही हैं। करीब 170 जवानों को बचाव कार्य में लगाया गया है। लगातार बारिश के कारण बुधवार को कुछ समय के लिए तलाशी अभियान रोकना पड़ा था। शुक्रवार से एक बार फिर अभियान शुरू करने की तैयारी है। बचाव दल आने वाले दिनों में भी घटनास्थल पर मौजूद रहेगा। प्रशासन की कोशिश है कि मलबे में दबे अन्य संभावित लापता लोगों का भी पता लगाया जा सके। इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
बुधवार को तेज बारिश के चलते कुछ समय के लिए तलाशी अभियान रोकना पड़ा था। मौसम की स्थिति को देखते हुए शुक्रवार से एक बार फिर अभियान शुरू करने की तैयारी की गई। बचाव दल आने वाले दिनों में भी घटनास्थल पर मौजूद रहेगा, ताकि मलबे में दबे अन्य संभावित लापता लोगों का पता लगाया जा सके।
चक्रवात और भूस्खलन से गांव में पसरा मातम
ओडिशा में अर्नब चक्रवात के दौरान हुई इस घटना ने प्रभावित गांवों में दहशत और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। गंगाबाली पहाड़ी में हुए भूस्खलन ने कई परिवारों को प्रभावित किया और नौ घरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत ने इस आपदा को और भी दर्दनाक बना दिया है।
फिलहाल प्रशासन और बचाव दल की प्राथमिकता मलबे में दबे संभावित अन्य लोगों की तलाश पूरी करना है। लगातार बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद राहत कार्य जारी रखने की कोशिश की जा रही है। सात दिनों तक चले तलाशी अभियान में पांच शवों की बरामदगी के साथ एक परिवार की तलाश तो खत्म हो गई, लेकिन इस हादसे का दर्द पूरे गांव में लंबे समय तक बना रहेगा।