Assembly Election 2026: देश के दो बड़े राज्यों पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 के तहत मतदान प्रक्रिया गुरुवार शाम 6 बजे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। दोनों राज्यों में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जिसे लोकतंत्र के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास के रूप में देखा जा रहा है।
बंगाल में पहले चरण की वोटिंग पूरी
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला 3.60 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने किया।
मतदान के लिए राज्यभर में करीब 44,376 बूथ बनाए गए थे। इनमें 1.84 करोड़ पुरुष, 1.75 करोड़ महिला और 465 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल रहे।
सुबह 9 बजे तक ही 18.76% मतदान दर्ज कर लिया गया था, जिससे साफ था कि लोगों में वोटिंग को लेकर खासा उत्साह है। अब दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा।
तमिलनाडु में एक चरण में सभी सीटों पर वोटिंग
तमिलनाडु में सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया गया। यहां 5.73 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने 4,023 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला किया।
सुबह 9 बजे तक राज्य में 17.69% मतदान दर्ज हुआ था, जो बाद में तेजी से बढ़ा। शाम तक यहां भी रिकॉर्ड मतदान देखने को मिला।
Assembly Election 2026: गर्मी के बीच भी दिखा उत्साह
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर और मध्य भारत में लू की चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
लोगों ने सुबह और शाम के समय मतदान कर गर्मी को मात दी और अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया।
चुनाव आयोग के सख्त निर्देश
भारत निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उम्मीदवारों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे मतदान के दिन अपने निर्वाचन क्षेत्र में ही रहें और किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न करें।
आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया कि मतदान पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
सियासी मुकाबला दिलचस्प
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के सामने सत्ता बचाने की चुनौती है, जबकि भाजपा पूरी ताकत से मुकाबले में है।
वहीं तमिलनाडु में एम.के. स्टालिन के लिए सत्ता में वापसी आसान नहीं मानी जा रही है।