रायपुर: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। यहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 111 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के एक साथ सामूहिक इस्तीफे देने के बाद सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है। इस घटना के बाद से राज्य की राजनीति गरमा गई है और विपक्षी पार्टी कांग्रेस को सत्तारूढ़ दल पर हमला करने का पूरा मौका मिल गया है।
राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में 111 बीजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे के बाद सियासी घमासान मच गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे पार्टी के भीतर बढ़ता असंतोष करार दिया है।
डोंगरगढ़ में हुए इस बड़े घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर अब इस्तीफों का दौर शुरू हो चुका है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि संगठन के अंदर गंभीर असंतोष पनप रहा है।
कांग्रेस ने गिनाई नाराजगी की वजहें
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने अपने बयान में आरोप लगाया कि जनता के साथ-साथ अब पार्टी के अपने कार्यकर्ताओं का भी मोहभंग होने लगा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि महंगी बिजली, यूरिया और खाद की किल्लत, बदहाल सड़कें, गरीबों के घरों पर चलने वाले बुलडोज़र, भ्रष्टाचार और युवाओं में फैल रहे आक्रोश ने बीजेपी के अंदरूनी हालात की पोल खोल दी है।
बैज का दावा है कि डोंगरगढ़ में 111 पदाधिकारियों का एक साथ इस्तीफा देना केवल एक सामान्य संगठनात्मक घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि कार्यकर्ताओं की सुनने वाला कोई नहीं है और पार्टी के भीतर नाराजगी चरम पर पहुंच चुकी है।
सियासत तेज, बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस सामूहिक इस्तीफे के सामने आने के बाद डोंगरगढ़ की स्थानीय राजनीति में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। हालांकि, इस पूरे मामले पर बीजेपी के स्थानीय और प्रांतीय नेतृत्व की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का अभी इंतजार किया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ले सकता है और दोनों दलों के बीच बयानबाजी का दौर और अधिक तेज होने के पूरे आसार हैं।
- राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में बीजेपी को बड़ा झटका
- 111 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिए सामूहिक इस्तीफे
- पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बीजेपी नेतृत्व पर साधा निशाना
- महंगी बिजली, खाद किल्लत और भ्रष्टाचार को बताया मुख्य वजह