बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। नदी किनारे बसे गांव में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तुरमा गांव में गुरुवार रात को महिलाएं समेत चार ग्रामीण और पालतु कुत्ता बाढ़ में फंस गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही नगरसेना की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदी से लगे गांवों में पानी भर गया है।कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने अधिकारियों और नगर सेना की टीम को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक गुरुवार शाम तुरमा गांव में चार ग्रामीणों के बाढ़ में फंसने की सूचना मिली।
सक्रिय नगर सेना की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। इस दौरान जवाहर विश्वकर्मा (उम्र 45), मिठाईलाल विश्वकर्मा (55 साल), उर्मिला बाई (उम्र 50), मंजू विश्वकर्मा और एक पालतु कुत्ता बाढ़ में फंसने के बाद मदद के इंतजार में थे। मोटरबोट से पहुंची टीम ने सभी को लाइफ जैकट पहनाकर बैठाया और सुरक्षित स्थान पर लाकर छोड़ा। नगर सेना की सराहना करते हुए लोगों ने भारत माता की जय के नारे भी लगाए।

नगरसेना की टीम में ये रहे प्रमुख
नगर सेना के बाढ़ बचाव दल ने जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी पुष्पराज सिंह के मार्गदर्शन में मेजर सोनसाय खरे और जितेन्द्र कुर्रे के नेतृत्व में राहत एवं बचाव अभियान चलाया। 15 सदस्यीय टीम मोटर बोट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय सहित अन्य आधुनिक बचाव उपकरणों से लैस थी।
नगरसेना की टीम में ये रहे प्रमुख
नगर सेना के बाढ़ बचाव दल ने जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी पुष्पराज सिंह के मार्गदर्शन में मेजर सोनसाय खरे और जितेन्द्र कुर्रे के नेतृत्व में राहत एवं बचाव अभियान चलाया। 15 सदस्यीय टीम मोटर बोट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय सहित अन्य आधुनिक बचाव उपकरणों से लैस थी।