सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, कांग्रेस ने 136 मुद्दों का आरोप पत्र पेश किया, कहा- सरकार ने बेरोजगारी भत्ता बंद किया, छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं वाला आरोप पत्र पेश किया। कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। कांग्रेस ने सरकार की ‘विफलताओं’ को रेखांकित करते हुए 136 बिंदुओं वाला आरोप-पत्र सदन में पेश किया है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने चर्चा की शुरुआत करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कई मोर्चों पर विफल रही है और उसने अपने कार्यकाल में किसानों, आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है।
चरणदास महंत ने कहा कि सरकार ने 135 सप्ताह का कार्यकाल पूरा कर 136वें सप्ताह में प्रवेश कर लिया है। इसी कारण विपक्ष ने सरकार की विफलताओं को दर्शाते हुए 136 बिंदुओं वाला आरोप-पत्र तैयार किया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों के साथ हुए विश्वासघात का दस्तावेज है।’’ महंत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल का हर सप्ताह किसानों, आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं के खिलाफ नई साजिशों का गवाह रहा है।
पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाया
उत्तरी छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य वन क्षेत्र के मुद्दे से चर्चा की शुरुआत करते हुए चरणदास महंत ने सरकार पर पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और कोयला खनन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। महंत ने जुलाई 2022 में विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित उस प्रस्ताव का भी उल्लेख किया, जिसमें हसदेव अरण्य के कोयला ब्लॉक में खनन को निरस्त करने की मांग की गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्यमंत्री के पद संभालने से पहले ही खनन की अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। हसदेव अरण्य को ‘मध्य भारत का फेफड़ा’ बताते हुए दावा किया कि सरकार ने 11 दिसंबर को राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को हसदेव अरण्य वन क्षेत्र की 91 हेक्टेयर भूमि में खनन की अनुमति दे दी और इस तरह करीब 15,000 पेड़ों के लिए ‘मौत का फरमान’ दे दिया गया था।
जंगलों को नष्ट करना राज्य का अपमान
महंत ने कहा, ‘‘आप किसी और का महल बनाने के लिए अपनी ही जड़ें काट रहे हैं। बाहरी उद्योगपतियों के कहने पर छत्तीसगढ़ के जंगलों को नष्ट होने देना राज्य का अपमान है। जिस तरह से ये मंजूरी दी गई, उसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं।’’ महंत ने भगवान राम का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा अक्सर उन्हें छत्तीसगढ़ का भांजा बताती है, लेकिन पार्टी उनकी यात्रा से जुड़े जंगलों की रक्षा करने में विफल रही।
कानून और सुरक्षा व्यवस्था पर हमला
कांग्रेस नेता ने कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। उन्होंने जून 2024 में बलौदाबाजार में हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा जिला कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में आग लगाए जाने की घटना को रोकने में सरकार विफल रही। महंत ने कोरिया जिले में कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के एक मामले का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
- सदन में कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर हो रही चर्चा
- विपक्ष का आरोप जंगलों को अपने मित्रों और उद्योगपतियों के हवाले किया
- राज्य में एक उद्योगपति का दबदबा कायम है
- हसदेव अरण्य क्षेत्र के कोयला भंडार का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है
बेरोजगारी भत्ता योजना बंद
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ‘विजन डॉक्यूमेंट-2047’ में कृषि की उपेक्षा की है। महंत ने कहा कि राज्य की लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर होने के बावजूद इस क्षेत्र के योगदान को कमतर आंका गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई बेरोजगारी भत्ता योजना बंद कर दी गई है। महंत ने दावा किया कि पिछले खरीफ विपणन सत्र में करीब दो लाख किसान अपना धान नहीं बेच सके।
कांग्रेस नेता ने पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (पेसा) के क्रियान्वयन, कथित अवैध रेत खनन, आदिवासी क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण, अबूझमाड़ में कथित पेड़ों की कटाई, भारतमाला सड़क परियोजना और आबकारी विभाग में 500 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।