Chhattisgarh Digital Governance: छत्तीसगढ़ में डिजिटल सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ऑनलाइन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी पहल के तहत कुम्हारी (कोसीर) निवासी डमरूधर को अपनी बेटी का जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। उन्होंने ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के जरिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया और प्रमाण पत्र भी डिजिटल माध्यम से प्राप्त कर लिया।
बेटी की पढ़ाई और उससे जुड़ी औपचारिकताओं के लिए जरूरी दस्तावेज समय पर मिल जाने से परिवार को राहत मिली। यह मामला डिजिटल माध्यम से सरकारी सेवाओं की उपलब्धता का एक उदाहरण बनकर सामने आया है।
बेटी के दाखिले के लिए जरूरी था जाति प्रमाण पत्र

डमरूधर की बेटी को शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश और छात्रवृत्ति से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए जाति प्रमाण पत्र की जरूरत थी। प्रमाण पत्र जल्द जमा करना जरूरी था, ऐसे में सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाने की स्थिति परिवार के लिए परेशानी का कारण बन सकती थी।
इसी जरूरत को देखते हुए डमरूधर ने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प चुना। उन्होंने घर से ही आवेदन प्रक्रिया पूरी की और जरूरी दस्तावेज डिजिटल माध्यम से जमा किए।
ऑनलाइन सत्यापन के बाद पोर्टल पर मिला प्रमाण पत्र
आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों का डिजिटल माध्यम से सत्यापन किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की गई।
प्रमाण पत्र तैयार होने के बाद उसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। इसके बाद डमरूधर ने इसे ऑनलाइन डाउनलोड कर लिया। इस तरह उन्हें प्रमाण पत्र लेने के लिए किसी सरकारी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मिली राहत

Chhattisgarh Digital Governance के तहत शुरू की गई इस तरह की ऑनलाइन सेवाओं का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सुविधाएं अधिक आसानी से उपलब्ध कराना है। डमरूधर के मामले में भी ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण समय और मेहनत दोनों की बचत हुई।
खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए दस्तावेज संबंधी काम के लिए कार्यालय तक पहुंचना कई बार अतिरिक्त समय और संसाधन मांगता है। ऐसे में ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और प्रमाण पत्र डाउनलोड की सुविधा प्रक्रिया को आसान बना सकती है।
डमरूधर ने जताई खुशी

अपनी बेटी के लिए प्रमाण पत्र समय पर मिलने पर डमरूधर ने इसे राहत भरा अनुभव बताया। उनके अनुसार, बेटी के दाखिले के लिए जरूरी दस्तावेज समय पर मिलना महत्वपूर्ण था।
उन्होंने बताया कि घर बैठे आवेदन करने और प्रमाण पत्र डाउनलोड करने से उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। इससे उनकी बेटी से जुड़ी शैक्षणिक प्रक्रिया को समय पर आगे बढ़ाने में मदद मिली।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही डिजिटल सेवा
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत डिजिटल गवर्नेंस को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। सेवा सेतु पोर्टल के जरिए नागरिकों को विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डमरूधर की बेटी का जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्राप्त होने का मामला इसी डिजिटल व्यवस्था का एक उदाहरण है। इससे यह भी सामने आता है कि दस्तावेज संबंधी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने से नागरिकों को आवेदन से लेकर प्रमाण पत्र प्राप्त करने तक की प्रक्रिया में सुविधा मिल सकती है।
समय और श्रम की बचत पर जोर
ऑनलाइन सरकारी सेवाओं का एक प्रमुख उद्देश्य प्रक्रिया को सरल बनाना और नागरिकों की अनावश्यक भाग-दौड़ कम करना है। आवेदन और दस्तावेजों के डिजिटल सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र पोर्टल पर उपलब्ध होने से लोगों को संबंधित कार्यालय तक पहुंचने की आवश्यकता कम हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में Chhattisgarh Digital Governance की दिशा में ऐसी पहलों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। डमरूधर की कहानी में भी इसी व्यवस्था के जरिए बेटी की शिक्षा से जुड़ी जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया घर बैठे पूरी हुई।
इस तरह ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के माध्यम से डिजिटल तरीके से प्रमाण पत्र प्राप्त करने की यह घटना ग्रामीण नागरिकों के लिए ऑनलाइन सरकारी सेवाओं की उपयोगिता को सामने लाती है।