भुवनेश्वर: भाजपा के वरिष्ठ नेता और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर हुए छात्र आंदोलनों और अपने इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम पर 15 दिन बाद चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान Gen-Z को कथित तौर पर गुमराह करने की कोशिश किए जाने की बात कही।
धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए छात्र आंदोलन के दौरान सामने आए घटनाक्रम पर अपनी बात रखी।
प्रदर्शन के दौरान Gen-Z को गुमराह करने की कोशिश
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान Gen-Z को गुमराह करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने बताया कि इस घटनाक्रम के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।
प्रधान के मुताबिक, उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश भी की थी।
इस्तीफे के 15 दिन बाद सामने आया बयान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम पर धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान करीब 15 दिन बाद सामने आया है। छात्र आंदोलन और नीट पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच उनके इस्तीफे की चर्चा भी हुई थी।
अब जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने उस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा है।
छात्रों को संबोधित करते हुए रखी अपनी बात
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संबोधन के दौरान छात्र आंदोलन, Gen-Z और अपने इस्तीफे की पेशकश से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान युवाओं को प्रभावित और गुमराह करने की कोशिश की गई थी।
उनके इस बयान के बाद छात्र आंदोलन और नीट पेपर लीक से जुड़े मुद्दे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं एक बार फिर तेज होने की संभावना है।