Jhiram Ghati Case: झीरम घाटी मामले में NIA की विशेष अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आगे की रणनीति को लेकर रायपुर स्थित राजीव भवन में बैठक की। बैठक में पार्टी नेताओं के साथ झीरम कांड से प्रभावित परिवारों से भी चर्चा की गई।
बैठक के बाद कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि अदालत का फैसला आने के बाद भी वह मामले से जुड़े मुद्दों को आगे उठाएगी और कानूनी प्रक्रिया जारी रखेगी। पार्टी ने इस संबंध में तीन स्तरों पर आगे बढ़ने की बात कही है।
NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को सुनाई मौत की सजा

झीरम घाटी हमले के मामले में जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 16 सितंबर 2026 को 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इससे पहले 5 सितंबर को अदालत ने सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था।
25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस के परिवर्तन यात्रा काफिले पर माओवादी हमला हुआ था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत कम से कम 27 लोगों की मौत हुई थी और 38 लोग घायल हुए थे।
अदालत के फैसले के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे हाईकोर्ट में अपील के चरण में जा सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक दोषियों को अपील के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।
कांग्रेस ने तय किए तीन कदम
बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पार्टी फैसले को मामले का अंतिम पड़ाव नहीं मान रही है। उनके मुताबिक, पीड़ित परिवारों से चर्चा के दौरान उनकी चिंताओं और सवालों पर भी बातचीत हुई।
कांग्रेस ने तय किए तीन कदम
PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस फैसले को अंतिम पड़ाव नहीं मान रही है। उनके मुताबिक पीड़ित परिवारों से चर्चा के दौरान उनकी पीड़ा सामने आई और पार्टी ने मामले को आगे उठाने के लिए तीन स्तरों पर कार्रवाई का फैसला किया है।
कांग्रेस के अनुसार पहला कदम पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर फैसले और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है।
दूसरे चरण में दिल्ली में बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की बात कही गई है। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ झीरम पीड़ित परिवारों के सदस्यों को भी शामिल किए जाने की बात कही गई है। तीसरे चरण में कांग्रेस ने मामले को लेकर न्यायिक लड़ाई आगे जारी रखने का निर्णय लिया है।
दीपक बैज बोले- पीड़ित परिवारों को अभी भी कई सवाल

दीपक बैज ने कहा कि 13 साल बाद अदालत का फैसला आया है, लेकिन पीड़ित परिवारों की ओर से अभी भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि अदालत के फैसले के बावजूद मामले में जिन लोगों की भूमिका को लेकर परिवार सवाल उठा रहे हैं, उन्हें लेकर आगे भी कानूनी और राजनीतिक स्तर पर मुद्दा उठाया जाएगा। पीड़ित परिवारों की ओर से भी हालिया फैसले के बाद व्यापक जांच और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
कांग्रेस की ओर से आगे के लिए तीन प्रमुख कदम बताए गए हैं—
- राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर झीरम मामले और अदालत के फैसले पर चर्चा।
- दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करना, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ पीड़ित परिवारों के सदस्यों को शामिल किए जाने की बात कही गई है।
- मामले से जुड़े मुद्दों पर न्यायिक लड़ाई जारी रखना।
पीड़ित परिवारों के सवालों का कांग्रेस ने किया जिक्र

Jhiram Ghati Case को लेकर कांग्रेस का कहना है कि अदालत के फैसले के बावजूद पीड़ित परिवारों के कुछ सवाल अभी बाकी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, परिवारों की ओर से हमले में अन्य लोगों की कथित भूमिका और व्यापक जांच को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालिया अदालत के फैसले में 10 दोषियों को सजा सुनाई गई है, जबकि मामले में अन्य फरार आरोपियों को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्टों में जानकारी सामने आई है।
कांग्रेस ने इन्हीं सवालों को आगे कानूनी और राजनीतिक स्तर पर उठाने की बात कही है।
भूपेश बघेल ने जांच को लेकर उठाए सवाल
बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम मामले की जांच को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने जांच में कवासी लखमा से संबंधित बातों का जिक्र होने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर सवाल किया।
बघेल ने NIA की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि जांच में जिन लोगों की भूमिका को लेकर संदेह या आरोप सामने आए, उनके संबंध में कार्रवाई क्यों नहीं हुई। ये बघेल के राजनीतिक सवाल और आरोप हैं; अदालत के हालिया फैसले में 10 आरोपियों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई गई है।
13 साल पुराने मामले में आया फैसला

Jhiram Ghati Case में अदालत का फैसला हमले के 13 साल से अधिक समय बाद आया है। NIA अदालत ने 5 सितंबर को 10 आरोपियों को दोषी ठहराया और 16 सितंबर को सभी 10 दोषियों को मौत की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई के दौरान कुल 294 सुनवाई हुईं।
अदालत के फैसले के बाद अब मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। दूसरी ओर, झीरम पीड़ित परिवारों की ओर से भी व्यापक जांच की मांग किए जाने की खबरें सामने आई हैं।
अब दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस और न्यायिक प्रक्रिया पर नजर
रायपुर में हुई कांग्रेस की बैठक के बाद पार्टी ने राष्ट्रीय नेतृत्व से चर्चा और दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी की है। इसके साथ ही पार्टी ने झीरम मामले से जुड़े सवालों को अदालत में आगे उठाने की बात कही है।
फिलहाल Jhiram Ghati Case में NIA अदालत का फैसला आ चुका है, लेकिन दोषियों की सजा के खिलाफ संभावित अपील और पीड़ित परिवारों की ओर से उठाए जा रहे अन्य सवालों के कारण मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहने की संभावना है।