Gariyaband News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक से बच्चों के स्कूल जाने का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने इलाके की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां स्कूली बच्चों को उफनती पैरी नदी पार करने के लिए अधूरे पुल के खंभे पर लगी लोहे की सीढ़ी और बाहर निकले सरियों का सहारा लेना पड़ रहा है।

मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद यह रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। इसके बावजूद दर्जनों बच्चे रोजाना इसी जोखिम भरे रास्ते से स्कूल आने-जाने को मजबूर बताए जा रहे हैं।
20 फीट गहरी नदी के ऊपर खतरनाक रास्ता
मामला गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक का बताया जा रहा है। खंभाटा और आसपास की बस्तियों में रहने वाले बच्चों को स्कूल जाने के लिए पैरी नदी पार करनी पड़ती है।
बारिश के मौसम में पैरी नदी उफान पर आ जाती है। नदी के ऊपर करीब 300 मीटर लंबा पुल बनाया जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक इसका निर्माण लगभग छह साल से अधूरा पड़ा है।
ऐसे में बच्चों के लिए पुल के एक खंभे पर लगाई गई संकरी लोहे की सीढ़ी ही नदी पार करने का रास्ता बन गई है। बच्चे सीढ़ी पर संभल-संभलकर चलते हैं और खुले हुए लोहे के सरियों के बीच से होकर दूसरी तरफ पहुंचते हैं।
बारिश में और बढ़ जाता है खतरा
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के दिनों में लोहे की सीढ़ियां फिसलन भरी हो जाती हैं। इसके नीचे करीब 20 फीट गहरी उफनती नदी बहती है।
ऐसे हालात में थोड़ी सी लापरवाही या पैर फिसलने से बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरे निर्माण के दौरान खुले पड़े सरियों के कारण पहले भी लोग घायल हो चुके हैं।
बच्चों के इस खतरनाक सफर का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया।
छह साल से अधूरा पड़ा है पुल

स्थानीय लोगों का कहना है कि देहरगुड़ा और खंभाटा के बीच बन रहा पुल करीब छह साल से अधूरा है। पुल का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में नदी पार करना ग्रामीणों और खासकर स्कूली बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब पुल का निर्माण इतने लंबे समय से अधूरा है, तो बच्चों की सुरक्षा के लिए अब तक कोई स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में
बच्चों के इस जोखिम भरे स्कूल सफर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है।
जिला कलेक्टर रणबीर शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण में हुई देरी के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्थायी सुरक्षित रास्ता तैयार करने और अधूरे पुल को पूरा करने के लिए समयबद्ध योजना बनाने की बात भी कही गई है।
बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल

Gariyaband News में सामने आई यह तस्वीर सिर्फ एक अधूरे पुल की कहानी नहीं, बल्कि उन बच्चों की मुश्किल भी दिखाती है जो शिक्षा हासिल करने के लिए रोज जोखिम उठा रहे हैं।
एक तरफ सरकार और प्रशासन बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्कूल तक पहुंच उपलब्ध कराने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ मैनपुर क्षेत्र में बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए उफनती नदी और अधूरे निर्माण के बीच से गुजरना पड़ रहा है।
अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद पुल का निर्माण कितनी जल्दी पूरा होता है और बच्चों के लिए सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था कब तक की जाती है।
- गरियाबंद के मैनपुर में बच्चों के खतरनाक स्कूल सफर का वीडियो सामने आया।
- पैरी नदी पर करीब 300 मीटर लंबा पुल लंबे समय से अधूरा बताया जा रहा है।
- बच्चे लोहे की सीढ़ी और खुले सरियों के सहारे नदी पार कर रहे हैं।
- बारिश के दौरान नदी करीब 20 फीट नीचे उफान पर होने से खतरा और बढ़ जाता है।
- वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर ने मामले का संज्ञान लेकर सुरक्षित अस्थायी रास्ते और पुल पूरा करने की बात कही है।