कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार जारी है। सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक लगातार 16 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इस बीच सोमवार को प्रदर्शनस्थल पर चौंकाने वाला मामला सामने आया। सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वो दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी से बात करते दिख रहे हैं। वीडियो में वो कहते नजर आ रहे कि ‘वो मर जाएंगे तभी आपको तसल्ली मिलेगी।’ पूरा मामला सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल से जुड़ा है। जहां वो प्रदर्शन कर रहे हैं, उस जगह पर तिरपाल लगाया गया है। इसे ही हटाने के लिए पुलिस कह रही, जिसके बाद अभिजीत दीपके पुलिस अधिकारी से उलझते नजर आए।
जंतर मंतर पर अब तिरपाल विवाद
अभिजीत दीपके ने एक्स पर पूरी घटना का वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, ‘सोनम सर को धूप से बचाने के लिए तिरपाल लगा रखा था। पुलिस आती है और कहती है- ‘तिरपाल हटाओ और धूप दिखाओ कहां आ रही है?’ इसी मुद्दे पर अभिजीत दीपके एक पुलिस अधिकारी से हाथ जोड़कर अपील करते नजर आ रहे हैं। वो कह रहे कि सोनम वांगचुक जहां पर बैठे हैं, वहां धूप आ रही। धूप की वजह से हमने तिरपाल लगाया है। इससे पहले तो हमने तिरपाल नहीं लगाया।
दिल्ली पुलिस अफसर से अभिजीत दीपके की अपील
तिरपाल विवाद से जुड़े वीडियो में पुलिस अधिकारी कहते नजर आ रहे कि कहां हैं धूप दिखाइए। इस पर अभिजीत दीपके ने कहा कि क्यों जीना हराम कर रहे। उन्होंने सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल वाली जगह को दिखाते हुए कहा कि ‘वहां साफ धूप का असर नजर आ रहा। वो मर जाएंगे तभी आपको तसल्ली मिलेगी।’ अभिजीत दीपके ने कहा कि वो भूख हड़ताल पर हैं। धूप तेज होने की वजह से उनकी मुश्किलें बढ़ जाएंगी। हालांकि, पुलिस टीम लगातार तिरपाल हटाने की बात कही है।
16 दिन से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
इस बीच शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की 16 दिन से जारी भूख हड़ताल के चलते सेहत लगातार गिर रही है। डॉक्टरों ने कहा कि उनका ब्लड प्रेशर और गिर गया है। रविवार को उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट गया। NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर यहां जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का विरोध-प्रदर्शन रविवार को 24वें दिन जारी रहा। रविवार को प्रदर्शन स्थल पर समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज, केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के. के. शैलजा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूर्व मंत्री के.एल. बालगोपाल और पी. राजीव ने भी आंदोलन का समर्थन किया।
वांगचुक की तबीयत
सीजेपी की ओर से जारी स्वास्थ्य सूचना के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से सोनम वांगचुक का रक्तचाप गिरकर 104/66 एमएम एचजी (मिलीमीटर इन मर्करी) हो गया है, जबकि उनका वजन 7.8 किलोग्राम घट गया। अभिजीत दीपके ने कहा कि वांगचुक 16 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। इससे पहले वांगचुक ने शनिवार को लोगों से दूसरों में नायक न खोजने की अपील की थी और कहा था कि वह ‘सिर्फ एक आम नागरिक’ हैं, न कि ‘आधुनिक गांधी’ या कोई नायक।
सोनम वांगचुक ने ‘नायक’ को लेकर क्या कहा
सोनम वांगचुक ने ‘एक्स’ पर वीडियो डालकर कहा था कि कृपया किसी और में नायक न ढूंढें। अपनी जिंदगी के नायक खुद बनें। एक नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां निभाएं। उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि नागरिकों को एकजुट होकर सांसदों से परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मुद्दों पर गौर करने के लिए कहना चाहिए। कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग कर रही है।