नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने रणनीति से जुड़ी अहम जानकारी साझा की है। डोभाल के मुताबिक, हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रुख स्पष्ट था और आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया गया।
डोभाल ने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा से जुड़े मामलों में जरूरी जोखिम उठाने और जरूरत पड़ने पर कड़ा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
पहलगाम हमले के बाद PM मोदी ने ली जानकारी
NSA अजीत डोभाल के मुताबिक, पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा बीच में छोड़कर भारत लौटे और एयरपोर्ट पर ही अधिकारियों के साथ बैठक की।
डोभाल के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री ने हमले से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली और आतंकियों तथा हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का संकल्प जताया।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य?
डोभाल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने से पहले इसके उद्देश्यों को स्पष्ट तौर पर निर्धारित किया गया था। कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े आतंकी ढांचे और ठिकानों को निशाना बनाना था।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई की।
‘भारत की सहनशीलता को कमजोरी न समझें’
NSA डोभाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी क्षमता और दृढ़ता का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।
उनके मुताबिक, देश की सुरक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर भारत जोखिम उठाने और कड़ा जवाब देने की क्षमता रखता है।
खुफिया एजेंसियों ने निभाई अहम भूमिका
डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी और कार्रवाई में भारतीय खुफिया एजेंसियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एजेंसियों ने कम समय में हमले के जिम्मेदार लोगों और उनसे जुड़े ठिकानों की पहचान करने में अहम योगदान दिया।
उन्होंने इस कार्रवाई को भारत की बढ़ती तकनीकी और सैन्य क्षमताओं से भी जोड़ा।
ऑपरेशन सिंदूर पर डॉक्यूमेंट्री में सामने आए अनुभव
ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित दो हिस्सों की डॉक्यूमेंट्री में सुरक्षा और सैन्य नेतृत्व से जुड़े अधिकारियों के अनुभव भी शामिल किए गए हैं। इसी क्रम में NSA अजीत डोभाल ने ऑपरेशन के पीछे की सोच, रणनीति और निर्णय प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं पर जानकारी साझा की है।