नई दिल्ली: Raghav Chadha on NEET Paper Leak पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा गुरुवार को पहली बार NEET पेपर लीक (NEET Paper Leak) के मुद्दे पर खुलकर बोले। विधेयक का समर्थन करते हुए इसे देश का पहला समर्पित एंटी-पेपर लीक फ्रेमवर्क बताया। साथ ही उन्होंने बताया कि वे अब तक इस मुद्दे में चुप क्यों थे। उन्होंने कहा कि इस समस्या पर बात करने से ज्यादा जरूरी समाधान खोजना है।
Raghav Chadha on NEET Paper Leak राघव चड्ढा ने संसद में कहा कि मैं अपने वेलविशर्स को भी कुछ कहना चाहूंगा जो पिछले कुछ समय से मुझे कह रहे थे कि राघव आप नीट के इशू पर कब बोलोगे? आपको हम सुनना चाहते हैं। मैं बड़ी हमबली कहना चाहता हूं। जब मैं अपोजिशन में बैठता था तब सवाल मेरा हथियार था। आज मैं ट्रेजरी बेंचेस पर बैठता हूं। आज सलूशन मेरी जिम्मेदारी है।
मैं भी भी रोज कैमरे के सामने आकर साउंड टाइप दे सकता था। लेकिन मुझे हेडलाइन नहीं सर मुझे आउटकम चाहिए। और जब मैं अपोजिशन में था तब मेरा काम इशू करना और सवाल उठाना था। और पूरा सदन और आप जानते हैं मैंने वो काम पूरी ईमानदारी से किया। लेकिन आज मेरा रोल कैमरा के सामने अटेंडेंस लगाने का नहीं है। मेरा रोल इज माय फोकस इज़ टू फिक्स द सिस्टम।
इसीलिए मैंने अपने आप से एक वादा किया। आई मेड अ प्रॉमिस टू मसेल्फ कि मैं इस मुद्दे पर पार्लियामेंट में बोलूंगा और उस दिन बोलूंगा जिस दिन हम प्रॉब्लम सॉल्व कर रहे होंगे। स्यूशन लेकर आएंगे व्हेन द सिस्टम इज गेटिंग फिक्स्ड एंड टुडे इज दैट हिस्टोरिक डे व्हेन द सिस्टम इज गेटिंग फिक्स्ड।
नीट के छात्रों को लेकर क्या कहा?
नीट के छात्रों को लेकर उन्होंने कहा, ‘आपका गुस्सा जायज है। आपका दर्द असली है। आपको परीक्षा व्यवस्था से जो शिकायत है, वो भी जायज है। आपकी बात मायने रखती है। जब आपने चिंता व्यक्त की, अपना दर्द बताया। प्रधानमंत्री ने उस मांग को सिर्फ एक प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि एक गार्जियन की तरह लिया। परिवार के मुखिया की तरह उस बात को सुना। छात्रों नें मांग की थी, सरकार हरकत में आई, ऐतिहासिक फैसले लिए गए, व्यवस्था बदली।