Vedanta Power Plant Blast Update: Vedanta Power Plant Blast Update: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित Vedanta Limited के विद्युत संयंत्र में हुए भीषण विस्फोट के बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को एक और घायल श्रमिक की मौत हो गई, जिससे इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है।
Vedanta Power Plant Blast Update: इलाज के दौरान श्रमिक ने तोड़ा दम
अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निवासी मनीष कुमार की रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान तड़के मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि हादसे में घायल 11 अन्य श्रमिकों का अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
Vedanta Power Plant Blast Update: कैसे हुआ था इतना बड़ा हादसा?
यह दर्दनाक घटना 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव स्थित वेदांता के बिजली संयंत्र में हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बॉयलर से टरबाइन तक हाई प्रेशर भाप ले जाने वाली स्टील ट्यूब में विस्फोट हुआ था।
इस विस्फोट के कारण वहां काम कर रहे कई श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए थे।
Vedanta Power Plant Blast Update: अलग-अलग दिनों में बढ़ता गया मौत का आंकड़ा
हादसे के तुरंत बाद ही चार कर्मियों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि नौ अन्य ने थोड़ी ही देर में दम तोड़ दिया।
इसके बाद 15 अप्रैल को सात घायलों की, 16 अप्रैल को एक और श्रमिक की, और फिर शनिवार को दो अन्य की मौत हुई थी। अब एक और मौत के साथ कुल संख्या 24 पहुंच गई है।
Vedanta Power Plant Blast Update: कई राज्यों के श्रमिकों की गई जान
इस हादसे में जान गंवाने वालों में अलग-अलग राज्यों के श्रमिक शामिल हैं। इनमें पश्चिम बंगाल के सात, छत्तीसगढ़ के पांच, झारखंड और उत्तर प्रदेश के चार-चार, जबकि बिहार और मध्य प्रदेश के दो-दो श्रमिक शामिल हैं।
कहां-कहां चल रहा इलाज?
घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। रायगढ़ के जिंदल अस्पताल में छह, बालाजी मेट्रो अस्पताल और एपेक्स अस्पताल में दो-दो मरीज भर्ती हैं, जबकि एक घायल का इलाज रायपुर के श्री शंकरा अस्पताल में चल रहा है।
जांच में बड़े नाम शामिल
इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सक्ती के एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के मुताबिक, प्राथमिकी में Anil Agarwal समेत संयंत्र प्रमुख और अन्य अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं।
जांच के दौरान यदि और लोग जिम्मेदार पाए जाते हैं, तो उनके नाम भी जोड़े जाएंगे।
यह हादसा न सिर्फ औद्योगिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।