India Heatwave 2026: देश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और हालात इतने खराब हैं कि दुनिया के 20 सबसे गर्म शहरों में से 19 भारत में दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
ये शहर बने सबसे गर्म
सबसे ज्यादा तापमान वाले शहरों में:
भागलपुर (बिहार)
तलचर (ओडिशा)
आसनसोल (पश्चिम बंगाल)
इन सभी जगहों पर तापमान 44°C तक रिकॉर्ड किया गया, जो उस समय दुनिया में सबसे ज्यादा था।
इसके अलावा बेगूसराय, मोतिहारी, मुंगेर, भोजपुर, सिवान जैसे शहरों में भी पारा 43°C के आसपास पहुंच गया।
टॉप-20 में सिर्फ एक विदेशी शहर
दुनिया के टॉप-20 सबसे गर्म शहरों की सूची में भारत का दबदबा इतना ज्यादा है कि इसमें सिर्फ एक शहर नेपाल का लुंबिनी शामिल है, बाकी सभी भारत के हैं।
IMD की चेतावनी
India Meteorological Department (IMD) ने चेतावनी दी है कि 22 से 24 अप्रैल तक हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है।
कई इलाकों में तापमान 43°C तक पहुंचने की संभावना
40°C पार होने पर हीटवेव घोषित की जाती है
क्यों पड़ रही इतनी भीषण गर्मी?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह सिर्फ स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि एक बड़ा वायुमंडलीय बदलाव है।
मुख्य कारण:
- तेज सौर विकिरण: प्री-मानसून में जमीन तेजी से गर्म हो रही
- बादल नहीं: साफ आसमान के कारण सीधी धूप
- कम बर्फबारी: हिमालय और यूरेशिया में कम बर्फ से गर्मी बढ़ी
- समुद्री बदलाव: ENSO न्यूट्रल स्थिति से मौसम चक्र प्रभावित
- गर्म हवाएं: उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं बारिश को रोक रही हैं
देशभर में अलग-अलग मौसम
जहां उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत भीषण गर्मी झेल रहा है, वहीं:
दक्षिण भारत
पूर्वोत्तर भारत
में कुछ इलाकों में नमी और आंधी-बारिश देखने को मिल रही है।
जलवायु परिवर्तन का संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि एक ही देश में इतने ज्यादा गर्म शहरों का होना जलवायु परिवर्तन का बड़ा संकेत है।
इससे भविष्य में हीटवेव की तीव्रता और संख्या दोनों बढ़ सकती हैं।
अभी राहत के आसार कम
अभी अप्रैल खत्म नहीं हुआ है और गर्मी लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है
- राहत सिर्फ प्री-मानसून बारिश के बाद ही मिलने की उम्मीद है