जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी नक्सल हमले के मामले में आज, 10 अगस्त को जगदलपुर की NIA कोर्ट में अंतिम बहस होगी। करीब 13 साल पुराने इस मामले की सुनवाई लंबे समय से चल रही है और अब मुकदमा अंतिम बहस के चरण में पहुंच गया है।
मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ केस चल रहा है। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों से जुड़े मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
101 गवाहों के बयान दर्ज
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 101 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए गए हैं। गवाहों के बयान और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अब दोनों पक्ष अंतिम बहस के चरण में पहुंच गए हैं।
आज होने वाली सुनवाई को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अंतिम बहस के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और संभावित फैसले की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
25 मई 2013 को हुआ था हमला
झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को हुआ था। उस समय छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से परिवर्तन यात्रा निकाली जा रही थी।
सुकमा में कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला जगदलपुर की ओर रवाना हुआ था। काफिले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इनमें नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल, दिनेश पटेल, कवासी लखमा, मलकीत सिंह गैदू और उदय मुदलियार समेत कई नेता शामिल थे।
झीरम घाटी के रास्ते में नक्सलियों ने काफिले को निशाना बनाया। हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 27 कांग्रेस नेताओं की मौत हुई थी। कुल मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।
कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व पर पड़ा था बड़ा असर
झीरम घाटी हमला उस समय छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा झटका माना गया था। हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की मौत के कारण पार्टी के राज्य नेतृत्व को भारी नुकसान हुआ था।
मृतकों में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।
अब अंतिम बहस पर टिकी नजरें
करीब 13 साल बाद यह मामला अंतिम बहस के चरण में पहुंचा है। अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों के बाद अब अदालत में अंतिम दलीलें रखी जानी हैं।
10 अगस्त की सुनवाई पर सभी की नजरें इसलिए टिकी हैं क्योंकि इसके बाद मामले में अदालत की ओर से आगे की कार्रवाई और निर्णय की प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश करेगी।