Chhattisgarh Sai Cabinet Decision Today के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बैठक में शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति में संशोधन, पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती नियम और फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने से जुड़े फैसले समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसलों में खास तौर पर अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति, अनुभव के अंकों, पुनर्नियोजन और मानदेय से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया गया है। वहीं, पूर्व अग्निवीरों को राज्य के कुछ तृतीय श्रेणी पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए भर्ती नियम-2026 को भी मंजूरी दी गई है।
अतिथि व्याख्याता नीति-2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में प्रशासकीय अनुमोदन के बाद जारी संशोधित नीति-2026 का कार्योत्तर अनुमोदन किया।
नई व्यवस्था में मेरिट सूची में समान श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक बराबर होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता देने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब शासकीय महाविद्यालय के साथ किसी राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र के दौरान कम से कम 5 महीने अध्यापन कार्य पूरा करने पर 5 अंक दिए जाएंगे।
विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को पुनर्नियोजन का अवसर
कैबिनेट ने शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को उनके पूर्व कार्यानुभव के आधार पर रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर देने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही अतिथि व्याख्याताओं के मानदेय को लेकर मौजूद विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखंड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू करने का फैसला किया गया है।
अतिथि व्याख्याताओं और अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि और आकस्मिक अवकाश से जुड़े प्रावधानों को भी संशोधित नीति में स्पष्ट किया गया है।
पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण

Chhattisgarh Sai Cabinet Decision Today में पूर्व अग्निवीरों से जुड़ा फैसला भी अहम रहा। राज्य सरकार पहले ही सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में पूर्व अग्निवीर सैनिकों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान कर चुकी है।
अब इस व्यवस्था को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
इन नियमों के तहत नियुक्ति एवं सेवा शर्तों, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया से जुड़े प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, इस आरक्षण का लाभ पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर मिलने की व्यवस्था है।
मेरिट में बराबर अंक होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को प्राथमिकता
कैबिनेट के फैसलों में स्थानीय अभ्यर्थियों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रावधान अतिथि व्याख्याता नीति में भी जोड़ा गया है।
यदि एक ही श्रेणी के दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो संशोधित व्यवस्था के अनुसार छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य समान अंक की स्थिति में चयन प्रक्रिया के लिए स्पष्ट प्राथमिकता तय करना है।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने के फैसले का अनुसमर्थन

कैबिनेट बैठक में फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने से जुड़े फैसले का भी अनुसमर्थन किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 10 सितंबर 2026 को फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद फिल्म के प्रदर्शन पर दर्शकों से प्रवेश के लिए देय राज्य माल एवं सेवा कर (SGST) के बराबर राशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को किए जाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने आदेश जारी किया था।
कैबिनेट ने विभाग की ओर से जारी इस आदेश का अनुमोदन कर दिया है।
कैबिनेट के फैसलों से किन्हें होगा फायदा?
बुधवार को हुई बैठक में लिए गए फैसलों का असर मुख्य रूप से सरकारी कॉलेजों में पढ़ाने वाले अतिथि व्याख्याताओं, पूर्व अग्निवीरों और ‘हनुमान अंश’ फिल्म के प्रदर्शन से जुड़े सिनेमाघरों पर पड़ेगा।
अतिथि व्याख्याताओं के मामले में अनुभव, पुनर्नियोजन और मानदेय व्यवस्था को लेकर प्रावधान स्पष्ट किए गए हैं। वहीं, पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण को लागू करने के लिए भर्ती नियमों को मंजूरी मिलने से संबंधित सरकारी पदों की चयन प्रक्रिया के लिए औपचारिक ढांचा तैयार होगा।
Chhattisgarh Sai Cabinet Decision Today के तहत सामने आए इन फैसलों में शिक्षा, सरकारी भर्ती और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े अलग-अलग मुद्दों को शामिल किया गया है। कैबिनेट की बैठक के बाद इन फैसलों को लेकर संबंधित विभागों की ओर से आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।