Naxal Dump Recovery के तहत छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। कांकेर-गढ़चिरौली सीमा से लगे जंगल और पहाड़ी इलाके में सर्चिंग के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया डंप बरामद किया है।
नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. कांकेर-गड़चिरौली (महाराष्ट्र) सीमा पर जंगल-पहाड़ी इलाके में संदिग्ध स्थान पर बुधवार को जवानों ने नक्सल डंप बरमाद किया है. नक्सलियों ने जमीन के नीचे हथियार के साथ प्रिंटर भी छिपा रखा था.
पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर को जिला बल, बीएसएफ और बीडीएस टीम की संयुक्त टीम ने ग्राम दागुनटोला-पुसगटटा के बीच जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान चलाया. अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को संदिग्ध स्थान पर नक्सल डंप मिला. तलाशी लेने पर इसमें हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई.
बरामद डंप से हथियार, कारतूस, प्रिंटर और अन्य सामग्री मिली है। सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत की।
जिला बल, BSF और BDS की संयुक्त कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर 2026 को जिला बल, BSF और BDS टीम की संयुक्त टीम ने ग्राम दागुनटोला-पुसगटटा के बीच स्थित जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सघन पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कांकेर जिले के संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है. जिला बल के साथ बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया. अभियान के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सघन सर्चिंग की जा रही है.
सर्चिंग के दौरान जवानों को एक स्थान पर गतिविधि संदिग्ध लगी। इसके बाद इलाके की सावधानीपूर्वक तलाशी ली गई, जहां जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया नक्सल डंप बरामद हुआ।
सुरक्षा बलों ने बरामद सामग्री को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
नक्सल डंप से क्या-क्या मिला?
Naxal Dump Recovery में सुरक्षा बलों को कुल कई महत्वपूर्ण सामान मिले हैं। पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री में शामिल हैं:
- एक सिंगल बैरल 12 बोर रायफल
- एक डबल बैरल 12 बोर रायफल
- 11 कारतूस
- दो प्रिंटर
- अन्य नक्सल सामग्री
हथियार और कारतूस मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाके में सर्चिंग और सतर्कता बढ़ा दी है।
जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया था सामान

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नक्सलियों ने सुरक्षा बलों की नजर से बचाने के लिए हथियार और अन्य सामग्री को जमीन के नीचे छिपाकर रखा था। सर्चिंग टीम ने संदिग्ध स्थान की पहचान करने के बाद डंप को बरामद किया।
प्रिंटर की बरामदगी भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस अब बरामद सामग्री की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था।
कांकेर के सीमावर्ती इलाकों में लगातार सर्चिंग

कांकेर जिले के संवेदनशील और महाराष्ट्र सीमा से लगे इलाकों में सुरक्षा बलों की ओर से लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है।
इस कार्रवाई में जिला पुलिस बल के साथ BSF और BDS टीम की भूमिका रही। सीमावर्ती जंगलों में सघन सर्चिंग के दौरान जवान संदिग्ध स्थानों और संभावित नक्सल डंप की तलाश कर रहे हैं।
अभियान का नेतृत्व बीएसएफ की 94वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर एचएन शर्मा और इंस्पेक्टर हनुमान सहाय मीणा ने किया. पुलिस के अनुसार, नक्सल प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमों की मौजूदगी से ऐसे इलाकों में निगरानी भी बढ़ाई गई है।
BSF की 94वीं वाहिनी ने संभाली कमान
पुलिस के अनुसार, इस अभियान का नेतृत्व BSF की 94वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर एचएन शर्मा और इंस्पेक्टर हनुमान सहाय मीणा ने किया।
सुरक्षा बलों ने जंगल-पहाड़ी इलाके में सावधानीपूर्वक सर्चिंग करते हुए नक्सलियों द्वारा छिपाई गई सामग्री को बरामद किया।
आगे भी जारी रहेगा नक्सल विरोधी अभियान
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कांकेर के नक्सल प्रभावित और सीमावर्ती इलाकों में अभियान आगे भी जारी रहेगा। सुरक्षा बल इलाके में संभावित नक्सली गतिविधियों और छिपाए गए हथियारों की तलाश के लिए लगातार सर्चिंग कर रहे हैं।
Naxal Dump Recovery की इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ सर्च ऑपरेशन जारी रखा है। बरामद हथियारों और अन्य सामग्री के संबंध में आगे की जांच की जा रही है।