Surguja Murder Case: सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में राजमिस्त्री की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। शराब के नशे में गाली-गलौज और विवाद इतना बढ़ा कि चाचा-भतीजे ने मिलकर एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में राजमिस्त्री आनंद राम चौधरी की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। लखनपुर थाना क्षेत्र के रजपुरीकला टिकरापारा में हुई इस वारदात में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश चौधरी और धर्मेंद्र चौधरी के रूप में हुई है। दोनों आपस में चाचा-भतीजे हैं। पुलिस के मुताबिक, शराब के नशे में हुए विवाद के बाद दोनों ने मिलकर आनंद राम चौधरी के साथ मारपीट की और छैनी से हमला किया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना की शुरुआत गाली-गलौज और घरेलू विवाद से हुई थी। मामूली कहासुनी ने कुछ ही देर में हिंसक रूप ले लिया। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने संदेह के आधार पर उनसे पूछताछ की, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
लखनपुर के रजपुरीकला टिकरापारा में हुई वारदात

Surguja Murder Caseमामला लखनपुर थाना क्षेत्र के रजपुरीकला टिकरापारा का है, जहां राजमिस्त्री आनंद राम चौधरी की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी मुकेश चौधरी और धर्मेंद्र चौधरी आपस में चाचा-भतीजे हैं। दोनों ने पूछताछ में हत्या की वारदात कबूल की है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक शराब के नशे में आरोपियों के घर पहुंचा था। वहां उसने शराब पीने के बाद पेशाब कर दिया और आरोपियों की बुआ से विवाद करने लगा। बुआ के कहने पर आरोपियों ने मृतक को घर से बाहर जाने को कहा, लेकिन कुछ देर बाद जब दोनों आरोपी घर लौटे तो मृतक फिर शराब के नशे में गाली-गलौज करने लगा।
Surguja Murder Case का मामला लखनपुर थाना क्षेत्र के रजपुरीकला टिकरापारा का है। यहां राजमिस्त्री आनंद राम चौधरी की हत्या कर दी गई थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ की।
जांच के दौरान मुकेश चौधरी और धर्मेंद्र चौधरी की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं। पूछताछ में दोनों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
शराब के नशे में शुरू हुआ विवाद

पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन आनंद राम चौधरी शराब के नशे में आरोपियों के घर पहुंचा था। वहां उसने शराब पीने के बाद पेशाब कर दिया और आरोपियों की बुआ से विवाद करने लगा। इस पर महिला ने दोनों आरोपियों से आनंद राम को घर से बाहर जाने के लिए कहने को कहा।
बताया गया है कि कुछ समय बाद जब मुकेश और धर्मेंद्र घर लौटे, तब आनंद राम फिर शराब के नशे में गाली-गलौज करने लगा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। पुलिस की जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, आरोपियों ने गुस्से में आकर आनंद राम के साथ मारपीट शुरू कर दी।
लात-घूंसों से पिटाई के बाद छैनी से किया हमला
इसी बात से नाराज होकर चाचा-भतीजे ने मृतक के साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों ने उसे लात-घूंसों से जमकर पीटा। इस दौरान मृतक ने जान बचाने के लिए घर से बाहर भागने की कोशिश की, लेकिन नशे की हालत में गिर पड़ा। इसके बाद आरोपियों ने फिर उस पर छैनी से हमला किया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। आखिरकार उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे पुलिस ने संदेह के आधार पर पूछताछ की तो दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और दोनों के खिलाफ पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मुकेश और धर्मेंद्र ने मिलकर आनंद राम चौधरी को लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। इस दौरान मृतक ने खुद को बचाने के लिए घर से बाहर भागने की कोशिश की, लेकिन नशे की हालत में वह गिर पड़ा।
आरोप है कि इसके बाद दोनों ने उस पर छैनी से हमला किया। हमले में आनंद राम गंभीर रूप से घायल हो गया और आखिरकार उसकी मौत हो गई। इस तरह शराब के नशे में शुरू हुआ विवाद हत्या की वारदात में बदल गया।
वारदात के बाद फरार हुए आरोपी, पूछताछ में हुआ खुलासा

हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान संदेह के आधार पर मुकेश चौधरी और धर्मेंद्र चौधरी से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों ने हत्या की वारदात कबूल कर ली।
इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज किया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। मामले में पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
शराब के विवाद ने ले ली एक व्यक्ति की जान
सरगुजा की इस घटना में एक बार फिर सामने आया है कि नशे की हालत में शुरू हुआ विवाद कितनी गंभीर वारदात में बदल सकता है। राजमिस्त्री आनंद राम चौधरी की जान चली गई, जबकि हत्या के आरोप में चाचा-भतीजे पुलिस की गिरफ्त में हैं।
पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। मामले में आरोपियों के खिलाफ अंतिम निर्णय अदालत में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।