भोपाल। MP Assembly Monsoon Session Live: मध्य प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो चुकी है, दूसरे दिन विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच सामान नागरिकता विधेयक 2026 विधेयक पारित हुआ। वहीं, सत्र के तीसरे दिन 7,765.77 करोड़ रुपये के प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। कांग्रेस विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
विपक्ष के विरोध और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित होने के भी आसार हैं। माना जा रहा है कि सरकार इस अतिरिक्त बजट के माध्यम से विभिन्न विभागों और विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधानों का पक्ष सदन के सामने रखेगी।

वित्त मंत्री ने पेश किया वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट
उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया। बजट में नर्मदा घाटी विकास विभाग के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि सिंचाई परियोजनाओं तथा भूमि अधिग्रहण से संबंधित कार्यों पर खर्च की जाएगी। अनुपूरक बजट में 907.59 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 6,858.18 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। सरकार के अनुसार, अतिरिक्त राशि का उपयोग अधोसंरचना, कृषि, शिक्षा, परिवहन और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति देने में किया जाएगा।
MP Assembly Monsoon Session Live परिवहन क्षेत्र में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के लिए 101 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत परिवहन विभाग को 28.26 करोड़ रुपये तथा नगरीय विकास विभाग को 21.41 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। कृषि क्षेत्र के लिए भावांतर एवं फ्लैट रेट योजना में 313.18 करोड़ रुपये तथा कपास प्रोत्साहन योजना के लिए 39.51 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
- ₹7,765.77 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश, आज सदन में होगी चर्चा
- नर्मदा घाटी विकास विभाग को ₹3,000 करोड़, परिवहन और कृषि योजनाओं के लिए भी बड़ा प्रावधान
- बजट पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के आसार
UCC पर बोले सीएम मोहन यादव
मध्यप्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को विपक्षी दल कांग्रेस के भारी हंगामे के बीच ‘मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता 2026’ विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि आज विधानसभा में स्वर्णिम इतिहास लिखा जा रहा है क्योंकि इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद तीन तलाक या हलाला से जुड़े मामले अपराध की श्रेणी में आएंगे, एक से अधिक शादी पर रोक लगेगी, शादी और तलाक दोनों का पंजीयन अनिवार्य होगा तथा विवाहित या अविवाहित माता-पिता के जैविक या उनके द्वारा गोद लिए जाने समेत सभी प्रकार के बच्चों को उत्तराधिकार में समान कानूनी दर्जा मिलेगा।
MP Assembly Monsoon Session Live उन्होंने कांग्रेस पर इस विधेयक का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिर्फ मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वह ऐसा कर रही है। यादव ने कांग्रेस को आदिवासी विरोधी भी करार दिया और कहा कि इस विधेयक के दायरे से आदिवासी समाज को बाहर रखा गया है।