संसद के मानसून सत्र के पहले दिन शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राउत ने दोनों नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे बिना टेलीप्रॉम्प्टर के ‘वंदे मातरम’ सुनाकर दिखाएं।
राउत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करने जा रहे हैं। प्रस्तावित विधेयक में ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने को राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ की तरह दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान है।

CJP आंदोलन को लेकर सरकार पर साधा निशाना
राउत ने CJP से जुड़े कार्यकर्ताओं के प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार आंदोलन की ताकत को समझने में विफल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को कमजोर समझा, लेकिन अब देशभर में इस आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि मुंबई के शिवाजी पार्क, पुणे, नागपुर समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, युवा और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
सरकार और एजेंसियों पर उठाए सवाल
राउत ने कहा कि सरकार लाखों प्रदर्शनकारियों को जेल में नहीं डाल सकती और न ही सभी के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संसद मार्ग तक मार्च की अनुमति नहीं मिलती है तो प्रदर्शनकारियों को ईडी मुख्यालय और सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने पर विचार करना चाहिए।
सोनम वांगचुक मामले पर भी दी प्रतिक्रिया
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े मामले पर राउत ने कहा कि न्यायिक मामलों पर अदालत को स्वतंत्र रूप से फैसला करने देना चाहिए। उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि “जंतर-मंतर पर बैठा हर युवा नेतृत्व करने में सक्षम है, उसे किसी नेता की जरूरत नहीं है।”