भोपाल: UCC Bill Madhya Pradesh मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़ा विधेयक सदन में पेश कर दिया गया है। मंत्री गौतम टेटवाल ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान यह बिल प्रस्तुत किया। जिसके बाद अब इस पर चर्चा होगी। चर्चा के लिए ग्राम सभा अध्यक्ष समय निर्धारित करेंगे। (UCC in Madhya Pradesh) जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष इस पर चर्चा करेंगे। संभावना जताई जा रही है कि इस पर कल चर्चा की जा सकती है। जिसके बाद UCC (Uniform Civil Code) के बिल को पास किया जाएगा। फिलहाल सदन में UCC बिल पेश हो गया है। गौरतलब है कि इस विधेयक को राज्य मंत्रिमंडल ने एक दिन पहले ही मंजूरी दी थी।
MP Assembly UCC Bill: UCC बिल के अलावा सरकार ने एक साथ कुल 14 विधेयक सदन के पटल पर रखे। इनमें मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026, मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, 2026, मध्यप्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2026, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, मध्यप्रदेश धन्वंतरी स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026, मध्यप्रदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2026, मध्यप्रदेश निरसन विधेयक, 2026, मध्यप्रदेश कोड ऑन एम्पावरिंग वर्कस्पेसेज, 2026 और मध्यप्रदेश श्रम शक्ति संहिता, 2026 समेत कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं।
कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने ली आपत्ति
आपको बता दें कि सभी बिल को एक साथ पेश करने के बाद कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने इस पर आपत्ति जताई है और कार्यवाही के दौरान विरोध दर्ज कराया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सभी विधेयकों को लेकर पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में चर्चा की गई थी। समिति की सहमति के बाद ही अनुपूरक कार्यसूची जारी की गई और नियमानुसार विधेयकों को सदन में पेश किया गया।
वहीं कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस विधायकों की आपत्ति पर जवाब दिया है। कार्यमंत्रणा समिति में विधेयकों पर चर्चा हुई, ये नियम के साथ किया, विधानसभा की परंपरा के अनुरूप हुआ। बिल पेश करने के बाद सदन में विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया। हंगामा को देखते हुए सदन की कार्रवाई दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड?
- विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति में सभी के लिए एक नियम।
- परिवार के सदस्यों के आपसी संबंध और अधिकारों में समानता।
- जाति, धर्म या परंपरा के आधार पर नियमों में कोई रियायत नहीं।
- किसी भी धर्म विशेष के लिए अलग से कोई नियम नहीं।
UCC हो लागू तो क्या होगा?
- UCC के तहत शादी, तलाक, संपत्ति, गोद लेने जैसे मामले।
- हर धर्म में शादी, तलाक के लिए एक ही कानून।
- जो कानून हिंदुओं के लिए, वहीं दूसरों के लिए भी।
- बिना तलाक के एक से ज्यादा शादी नहीं कर पाएंगे।
- शरीयत के मुताबिक जायदाद का बंटवारा नहीं होगा।
UCC लागू होने से क्या नहीं बदलेगा?
- धार्मिक मान्यताओं पर कोई फर्क नहीं।
- धार्मिक रीति-रिवाज पर असर नहीं।
- ऐसा नहीं है कि शादी पंडित या मौलवी नहीं कराएंगे।
- खान-पान, पूजा-इबादत, वेश-भूषा पर प्रभाव नहीं।