सांबा जिले में एक खुले खेत से संदिग्ध ड्रोन बरामद किया गया, जिसे एक ग्रामीण ने सुबह देखा और सेना को सूचित किया। अधिकारियों को आशंका है कि यह सीमा पार से आया है और इसकी फॉरेंसिक जांच जारी है।
सांबा जिले में मंगलवार सुबह एक खुले खेत से एक ड्रोन बरामद किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह ड्रोन देवक के पास स्थित एक खेत में पड़ा मिला। चक सलारिया गांव के एक निवासी ने सुबह 5:50 बजे मॉर्निंग रन के दौरान इसे सबसे पहले देखा।

खेत में संदिग्ध वस्तु देखकर ग्रामीण ने बिना देरी किए पास में तैनात सेना की यूनिट को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सेना के जवान मौके पर पहुंचे और ड्रोन को अपने कब्जे में ले लिया।
स्थानीय निवासी की सतर्कता के कारण सेना को समय रहते ड्रोन के बारे में पता चल गया। अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन मिलने के बाद उसे तुरंत जब्त कर लिया गया और अब इसकी गहन जांच की जा रही है। सेना और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि यह ड्रोन कहां से आया और इसका मकसद क्या था। चूंकि सांबा जिला अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक है, इसलिए इसे सीमा पार से भेजे जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
एक रात पहले ही दिखी थी संदिग्ध गतिविधि
इस घटना से एक रात पहले, सोमवार रात करीब 9 बजे, नंदपुर गांव में तैनात सेना के जवानों ने एक अज्ञात उड़ती हुई वस्तु देखी थी। यह वस्तु अरनिया की तरफ से आती हुई दिखाई दी थी, जिसे ड्रोन होने का संदेह जताया गया था।
सेना ने तुरंत एंटी-ड्रोन प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया और संदिग्ध ड्रोन को जाम करने के लिए जरूरी कदम उठाए। अधिकारियों का मानना है कि मंगलवार सुबह बरामद हुआ ड्रोन वही हो सकता है, जो जामिंग ऑपरेशन के बाद नीचे गिर गया।
फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज
बरामद किए गए ड्रोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में तीन मुख्य बिंदुओं पर फोकस किया जाएगा जिसमें यह ड्रोन किस देश या कंपनी का बना हुआ है। इसमें किस तरह के कैमरे, सेंसर या अन्य उपकरण लगे हैं और इसकी रेंज कितनी है।
क्या इसका इस्तेमाल सीमा पार से हथियार, नशीले पदार्थ या पैसे भेजने के लिए किया गया था, या यह सिर्फ जासूसी के लिए था। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह ड्रोन सामान्य था या किसी साजिश का हिस्सा।
बढ़ती ड्रोन गतिविधियां चिंता का विषय
पिछले कुछ समय से जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन भेजने की घटनाएं बढ़ी हैं। इन ड्रोनों का इस्तेमाल हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए किया जाता रहा है। सुरक्षा बलों ने एंटी-ड्रोन सिस्टम को और मजबूत किया है, जिसके चलते कई बार ड्रोन को मार गिराया गया है या जाम करके नीचे उतारा गया है। सांबा में मिला यह ड्रोन भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
फिलहाल सेना, पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थानीय लोगों से भी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने की अपील की गई है।