Jashpur Electricity Pole Accident: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में बिजली का खंभा हटाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पत्थलगांव थाना क्षेत्र के पाकरगांव में मंगलवार को बिजली के खंभे पर काम कर रहे मजदूर अचानक करंट की चपेट में आ गए। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर झुलस गए।
बताया जा रहा है कि जिस समय खंभा हटाने का काम चल रहा था, उस दौरान बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई थी। हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पेट्रोल पंप के सामने हटाया जा रहा था बिजली का खंभा

जशपुर के पत्थलगांव क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी ध्रुवेश जायसवाल के अनुसार, पाकरगांव में एक पेट्रोल पंप के सामने बिजली के खंभे को हटाने का काम किया जा रहा था।
घटना के समय एक निजी ठेकेदार के सात मजदूर वहां काम कर रहे थे। इसी दौरान खंभा हटाने की प्रक्रिया के बीच मजदूर चालू बिजली लाइन के संपर्क में आ गए। करंट लगने से दो मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य झुलस गए।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया।

दो मजदूरों की मौत, मृतकों की हुई पहचान
पुलिस और प्रशासन के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान आलेख एक्का और टोमन ध्रुव के रूप में हुई है। आलेख एक्का रायगढ़ जिले के रहने वाले थे, जबकि टोमन ध्रुव गरियाबंद जिले के निवासी बताए गए हैं।
अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
चार मजदूर झुलसे, अस्पताल में कराया गया भर्ती
बिजली की चपेट में आने से चार अन्य मजदूर भी झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
हादसे के बाद साथी मजदूरों ने अस्पताल में ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। उनका आरोप है कि उन्हें बिजली आपूर्ति बंद किए बिना खंभा हटाने का काम करने के लिए कहा गया था।
बिजली विभाग से परमिशन लिए बिना हो रहा था काम

Jashpur Electricity Pole Accident मामले में सबसे अहम सवाल बिजली आपूर्ति बंद किए बिना काम शुरू किए जाने को लेकर उठ रहा है।
पत्थलगांव बिजली विभाग के सहायक अभियंता केके देशमुख ने बताया कि उन्होंने संबंधित कनिष्ठ अभियंता से मामले की जानकारी ली। उनके अनुसार, कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि ठेकेदार ने पाकरगांव में काम करने की जानकारी विभाग को नहीं दी थी।
इसके अलावा बिजली आपूर्ति रोकने के लिए जरूरी परमिट भी नहीं लिया गया था। विभाग के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि मंगलवार को उस स्थान पर बिजली के खंभे को हटाने का काम किया जा रहा है।
दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई का आश्वासन
सहायक अभियंता केके देशमुख ने कहा कि मामले में जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने भी मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि खंभा हटाने का काम किसके निर्देश पर शुरू किया गया था और सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया।
बिना बिजली बंद किए काम करना बना बड़ा सवाल
इस हादसे ने बिजली लाइनों के पास काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली के खंभे या लाइन से जुड़े किसी भी काम के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करना और संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति लेना महत्वपूर्ण माना जाता है।
पाकरगांव में हुए हादसे में विभाग का कहना है कि उसे काम की जानकारी ही नहीं दी गई थी और बिजली आपूर्ति रोकने का परमिट भी नहीं लिया गया था। अब पुलिस और विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई।
फिलहाल Jashpur Electricity Pole Accident के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। दो मजदूरों की मौत और चार के झुलसने की इस घटना ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन और बिजली विभाग की जांच के बाद हादसे की जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है।