MP BJP Core Group की बैठक में मध्य प्रदेश भाजपा ने संगठन को मजबूत करने और सरकार-संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की। 30 सितंबर को भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक प्रदेश के नए प्रभारी बिप्लब कुमार देब की मौजूदगी में हुई पहली कोर ग्रुप बैठक थी। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सह प्रभारी रेखा वर्मा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति, सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने, बूथ स्तर पर पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और आने वाली राजनीतिक चुनौतियों को लेकर चर्चा हुई।
नए सिरे से कोर ग्रुप को मजबूत करने की तैयारी

बैठक के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश भाजपा के कोर ग्रुप को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने संगठन की गतिविधियों और पार्टी के कामकाज की समीक्षा की।
हालांकि, कोर ग्रुप के नए स्वरूप को लेकर सामने आई कुछ चर्चाओं को लेकर पार्टी की ओर से सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए किन नेताओं को भविष्य में कोर ग्रुप में शामिल किया जाएगा या किस तरह का बदलाव होगा, इस पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
20 से ज्यादा मुद्दों पर हुई चर्चा
MP BJP Core Group की बैठक में 20 से अधिक मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इनमें संगठन के आगामी कार्यक्रम, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को लोगों तक पहुंचाने की रणनीति शामिल रही।
इसके अलावा बूथ स्तर पर संगठन को अधिक सक्रिय करने और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर भी विचार किया गया।
सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर जोर
बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय को प्रमुख विषयों में शामिल किया गया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बैठक के बाद बताया कि सरकार के कामकाज और संगठन को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
भाजपा नेतृत्व की ओर से सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को संगठन के माध्यम से जनता तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
गुटबाजी और अनुशासन को लेकर चर्चा

बैठक को लेकर सामने आई रिपोर्टों में वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद, गुटबाजी और सार्वजनिक बयानबाजी को लेकर भी सख्त संदेश दिए जाने का दावा किया गया है। नेताओं से संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने और सार्वजनिक मंचों पर संयमित भाषा का इस्तेमाल करने की बात कही गई।
हालांकि, इन बातों को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। इसलिए इसे भाजपा नेतृत्व की आधिकारिक विस्तृत नीति के तौर पर पेश करने के बजाय बैठक से जुड़ी रिपोर्टों और सूत्रों की जानकारी के रूप में देखा जाना चाहिए।
बूथ मैनेजमेंट पर रहेगा खास फोकस
मध्य प्रदेश भाजपा के लिए बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना बैठक का एक अहम मुद्दा रहा। पार्टी की रणनीति में बूथ कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने, जमीनी फीडबैक लेने और संगठन की गतिविधियों को निचले स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
बिप्लब कुमार देब के भोपाल दौरे के कार्यक्रम में भी बूथ कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद को जगह दी गई थी। उन्होंने बूथ कार्यकर्ताओं के घर जाकर उनसे मुलाकात और संवाद किया।
बैठक में ये नेता रहे मौजूद

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब, सह प्रभारी रेखा वर्मा और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी समेत कई नेता शामिल हुए।
इसके अलावा उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, प्रहलाद पटेल और संपतिया उइके सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भी बताई गई है।
कुछ वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी भी चर्चा में
बैठक में कुछ प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बैठक में शामिल नहीं हुए, जबकि नरोत्तम मिश्रा की अनुपस्थिति को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं। हालांकि, किसी नेता की गैरमौजूदगी के आधार पर संगठन के भीतर उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
आगे संगठनात्मक बैठकों का सिलसिला
बिप्लब कुमार देब और रेखा वर्मा के भोपाल दौरे के दौरान 1 अक्टूबर को प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग प्रभारियों और विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ भी बैठक का कार्यक्रम रखा गया था। इन बैठकों में संगठन के कामकाज, जिलों से मिलने वाले फीडबैक और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की जानी थी।
फिलहाल MP BJP Core Group की बैठक के बाद मध्य प्रदेश भाजपा में संगठन और सरकार के बीच समन्वय, बूथ स्तर की सक्रियता और आगामी संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर आगे की दिशा तय करने पर जोर दिखाई दे रहा है। कोर ग्रुप के नए स्वरूप को लेकर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व की आगामी बैठकों के बाद ही स्पष्ट होगा।