छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनी (CSPDCL) को बड़ा झटका दिया है. कंपनी के 66.57 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई ग्राहकों से करने के दावे को आयोग ने खारिज कर दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि संपत्ति की सुरक्षा कंपनी की जिम्मेदारी है और इसका बोझ जनता पर नहीं डाला जा सकता।
Raipur News: छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनी (CSPDCL) के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी अपने नुकसान की भरपाई जनता की जेब से करना चाहती थी। आयोग ने दो टूक शब्दों में कहा कि चोरी, आग और गबन जैसे नुकसान का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जा सकता।
बिजली कंपनी ने आयोग के सामने एक ‘असाधारण दावा’ पेश किया था। कंपनी ने बताया कि उसे चोरी, आगजनी और गबन की वजह से कुल 66.57 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। इस घाटे की भरपाई के लिए कंपनी चाहती थी कि इसे बिजली टैरिफ में जोड़कर ग्राहकों से वसूला जाए।
कंपनी द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ा नुकसान आगजनी की वजह से हुआ। रायगढ़ और रायपुर के स्टोर में भीषण आग लगी थी. इस आगजनी से कंपनी को 63.62 करोड़ रुपये की चपत लगी। इसके अलावा, अन्य अलग-अलग कारणों से 2.95 करोड़ रुपये का नुकसान होना बताया गया।
आयोग ने साफ कर दिया कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए किसी भी तरह के असाधारण खर्च की मंजूरी नहीं दी जाएगी। इसका मतलब कि अब 66.57 करोड़ रुपये की वसूली ग्राहकों से नहीं होगी। बिजली कंपनी को अब यह नुकसान खुद ही वहन करना होगा। यह फैसला उन लाखों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी जीत है, जो पहले से ही बिजली की दरों को लेकर संवेदनशील हैं।