Chhattisgarh Coal Scam Suryakant Tiwari मामले में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने भिलाई के जुनवानी स्थित सूर्या रेजिडेंसी में सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी बताई जा रही एक संपत्ति को सील कर दिया। यह कार्रवाई कथित बेनामी संपत्ति से जुड़े मामले में की गई है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, कार्रवाई तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में की गई।
आयकर विभाग की इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला घोटाला मामले से जुड़ी संपत्तियों पर चल रही जांच की एक कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, किसी संपत्ति के बेनामी होने का अंतिम निर्धारण संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत होता है।

बताया जा रहा है कि सूर्यकांत तिवारी ने मनीष उपाध्याय के नाम पर मकान की रजिस्ट्री करवाई थी। आयकर विभाग ने इस मकान को सील कर दिया है। तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग की टीम ढोल लेकर मौके पर पहुंची। ढोल बजाकर पहले पूरी कॉलोनी में मुनादी कराई गई और वहां मौजूद लोगों के सामने नोटिस पढ़कर सुनाया गया। इसके बाद आयकर विभाग ने मकान को सील कर दिया।
Chhattisgarh Coal Scam Suryakant Tiwari आपको बता दें कि ED रेड के बाद सूर्यकांत तिवारी के बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ था। जिसके बाद अब आयकर विभाग की टीम ने ये कार्रवाई की है।
जुनवानी की सूर्या रेजिडेंसी में सील किया गया मकान
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीम ने भिलाई के जुनवानी स्थित सूर्या रेजिडेंसी में पहुंचकर एक मकान पर कार्रवाई की। विभाग के मुताबिक, जांच के दौरान इस संपत्ति के बेनामी होने से संबंधित जानकारी सामने आई थी। इसके बाद मकान को सील करने की कार्रवाई की गई।
बताया गया है कि संबंधित मकान की रजिस्ट्री मनीष उपाध्याय के नाम पर कराए जाने की बात सामने आई है। आयकर विभाग ने कार्रवाई के दौरान संपत्ति को अपने कब्जे में लेते हुए उसे सील कर दिया।
ढोल बजाकर की गई मुनादी, फिर पढ़ा गया नोटिस

इस कार्रवाई का तरीका भी चर्चा में रहा। आयकर विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो ढोल बजाकर कॉलोनी में मुनादी कराई गई। इसके बाद वहां मौजूद लोगों के सामने विभाग की ओर से जारी नोटिस पढ़कर सुनाया गया।
नोटिस की सार्वजनिक घोषणा के बाद अधिकारियों ने संबंधित मकान को सील कर दिया। पूरी कार्रवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी रही।
बेनामी संपत्ति को लेकर क्या है कानूनी प्रक्रिया?

आयकर विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम, 1988 के तहत किसी संपत्ति को बेनामी मानने की स्थिति में संबंधित प्राधिकरण नोटिस जारी कर सकता है और संबंधित पक्ष से दस्तावेज तथा स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। कानून में बेनामी संपत्ति के न्यायनिर्णयन और आगे जब्ती की प्रक्रिया भी निर्धारित है।
इसलिए किसी संपत्ति पर विभागीय कार्रवाई और उसे बेनामी संपत्ति माना जाना अलग-अलग कानूनी चरण हैं। संबंधित पक्ष को कानून के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर भी मिलता है।
कोयला घोटाला मामले में पहले भी सामने आ चुकी हैं संपत्तियां
Chhattisgarh Coal Scam Suryakant Tiwari से जुड़े मामलों में पहले भी संपत्तियों को लेकर जांच और कानूनी कार्रवाई हुई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 2025 के एक फैसले में ED की जांच से जुड़े कई संपत्तियों और सूर्यकांत तिवारी से संबंधित बेनामी संपत्ति के आरोपों का उल्लेख किया गया था। हालांकि, अलग-अलग संपत्तियों से जुड़े मामलों में तथ्य और कानूनी स्थिति अलग हो सकती है।
आयकर विभाग की ताजा कार्रवाई के बाद अब भिलाई स्थित इस संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और स्वामित्व को लेकर जांच आगे बढ़ने की संभावना है।
क्या है ताजा कार्रवाई का मतलब?
फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, सूर्या रेजिडेंसी स्थित मकान को आयकर विभाग ने सील किया है और कार्रवाई कथित बेनामी संपत्ति के मामले में की गई है। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार और पुलिस मौजूद रहे तथा सार्वजनिक रूप से नोटिस की जानकारी दी गई।
मामले में आगे विभाग की जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि संपत्ति के स्वामित्व और कथित बेनामी लेनदेन को लेकर अंतिम स्थिति क्या बनती है। फिलहाल यह कार्रवाई Chhattisgarh Coal Scam Suryakant Tiwari मामले में आयकर विभाग की एक अहम कार्रवाई के रूप में सामने आई है।